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बाप रे बाप

सट्टेबाजी से कर्ज में डूबे बाप ने तीन मासूम बेटियों संग दी जान

- लक्सा थाना इलाके में हुई घटना से मच गया कोहराम, हर कोई रह गया सकते

-कर्ज में डूबे युवक ने पत्‍‌नी को मायके पहुंचाने के बाद उठाया खौफनाक कदम

VARANASI:

जिंदगी के संघर्ष में हारे एक बाप ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया कि पूरे शहर का कलेजा कांप गया। उसने अपनी तीन मासूम बेटियों को जहर देकर मार डाला और खुद भी जहर पीकर जान दे दी। यह वाकया जिसने भी सुना उसके मुंह से निकला अरे बाप रे बाप। लक्सा थाना एरिया के गीता मंदिर मिसिरपोखरा में हुई घटना की जानकारी गुरुवार को जिसे हुई उसके मुंह से आह निकल गया। एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह, एसपी सिटी दिनेश सिंह ने घटना की प्रारम्भिक जांच की। बीएचयू में चारों डेडबॉडी का पोस्टमार्टम कराया गया। देर शाम डेड बॉडी घर पहुंची तो वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गयीं।

पत्नी से हुई थी अनबन

दीपक गुप्ता उर्फ लड्डू (40 वर्ष) मिसिर पोखरा में परिवार के साथ रहता था। आजीविका के लिए नई सड़क पर ठेला लगाकर कपड़ा आदि बेचता था। कुछ ने बताया कि उसे सट्टेबाजी की लत भी थी जिससे वह कर्ज में आ गया था। आर्थिक तंगी की वजह से पिछले कुछ दिनों से पत्नी अनीता से उसकी अनबन चल रही थी। दोदिन पहले पत्‍‌नी ने लक्सा थाना में उसके खिलाफ शिकायत की थी। पुलिस ने दोनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कर दिया था। बुधवार की दोपहर में एक बार फिर दीपक की पत्‍‌नी अनबन हो गई। उसने अनीता को सदर बाजार स्थित उसके मायके छोड़ आया। ससुराल में भी साले से कुछ कहासुनी हुई थी। इससे बेहद गुस्से में था।

पापा के प्यार को नहीं कर सकीं इनकार

दीपक रात में घर पहुंचा, तीन मंजिले में बने अपने कमरे में बेटी नव्या (9 वर्ष), अदिति (7 वर्ष) और रिया (5 वर्ष) को शरबत पीने को दिया। तीनों को पापा की नाराजगी का पता था लेकिन उनके प्यार के आगे इनकार नहीं कर सकीं। तीनों ने शरबत पी लिया। खुद दीपक ने भी वो शरबत पिया। उसमें खतरनाक कीटनाशक मिला होने से रात में करीब दो बजे सभी को उल्टी होनी शुरू हुई। छोटी बेटी रिया भागते हुए दादी लालमनी के पास पहुंची और उनसे कहा कि पापा ने कुछ पिला दिया है और सभी को उल्टी हो रही है।

दौड़ते रहे इधर से उधर

दीपक और बच्चों के जहर पीने की जानकारी होने से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने रूम के अंदर देखा तो सभी बेसुध होकर पड़े हुए थे। तीन पैकेट सल्फास मौजूद था। परिवार के लोग चारों को लेकर मारवाड़ी अस्पताल भागे। यहां से उन्हें मंडलीय अस्पताल कबीर चौरा भेज दिया गया। यहां दीपक और रिया को एडमिट कराया गया तो घंटे भर बाद इलाज शुरू हुआ। सुबह तड़के करीब छह बजे डॉक्टर्स ने दर्द से छटपटा रही बेटियों को बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।

सुबह में तोड़ा दम

सुबह करीब साढ़े सात से आठ बजे एक-एक कर सभी ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। दीपक की भी मौत हो गयी। एक साथ चार मौतों से परिवार पर कहर टूट पड़ा। घटना की जानकारी होने पर अनीता दौड़े-भागे घर पहुंची और बेसुध होकर गिर पड़ी। परिजनों के करुण क्रंदन से पूरा इलाका गमगीन हो गया।

डूबा था कर्ज में

दीपक के पत्नी से अनबन का कारण पैसा था। चर्चा है कि वह करीब छह लाख रुपये के कर्ज में डूबा था। कुछ दिनों से दुकान भी नहीं लगा रहा था। कई लोगों से कर्ज ले रखा था। परिवार के सदस्यों का कहना है कि इन दिनों दीपक काफी परेशान था। दुकान नहीं लगने और छह लाख रुपये कर्ज की बात अक्सर कहता था। पत्नी अनीता महिलाओं के उन समूह से जुड़ी थी जो एक-दूसरे से रुपये जमा करके जरूरतमंद समूह के सदस्य को रुपये मुहैया करता है। दीपक अनीता पर उन समूह से रुपये लाने का दबाव बना रहा था। इनकार करने पर दोनों के बीच नोकझोंक होती थी।