कर्मचारी व डॉक्टर्स भिड़े, पांच कर्मचारी हिरासत में

डॉक्टर्स का आरोप, मनमानी करने से गुस्साए कर्मचारी नेता

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MEERUT :
मेडिकल कॉलेज में वर्चस्व की जंग को लेकर डॉक्टर व कर्मचारी नेताओं के बीच जमकर मारपीट व पथराव हुआ. बताते हैं कि कुछ कर्मचारियों ने सीएमएस पर कई राउंड फायरिंग भी की. सीएमएस ने किसी तरह भागकर अपना बचाव किया. फायरिंग होते ही भगदड़ मच गई. पुलिस व आरएएफ ने लाठी फटकार के भीड़ को तितर बितर किया. एसएसपी राजेश कुमार पांडे का कहना है कि दोनों पक्षों की तरफ से तहरीर लेकर कार्रवाई की जा रही है.

यह है मामला

मेडिकल कॉलेज में करीब 550 कर्मचारी तैनात हैं. इन कर्मचारियों की दो यूनियन हैं, जिसमें राजकीय मेडिकल महासंघ के अध्यक्ष रवि शंकर शर्मा हैं, वहीं मेडिकल कॉलेज कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन त्यागी हैं. शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज कर्मचारी एसोसिएशन की बैठक चल रही थी, जिसमें कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा की जा रही थी़ मीटिंग मौजूद कर्मचारी सीएमएस से मिलने के लिए चले तो वहा मौजूद अन्य यूनियन के कर्मचारियों ने विरोध कर दिया़ इस बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते दोनों तरफ से मारपीट शुरू हो गई. कर्मचारी लाठी-डंडे लेकर आमने सामने आ गए. दोनों पक्षों के बीच पथराव हो गया. एक पक्ष ने सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी पर कई राउंड फायरिंग की, जिस पर उन्हें भागकर जान बचानी पड़ी. फायरिंग व पथराव से मेडिकल कॉलेज में भगदड़ मच गई़ मौके पर पहुंची कई थानों की पुलिस ने पथराव कर रहे लोगों पर लाठी चार्ज करके भीड़ को तितर- बितर किया. पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया तथा घायल कर्मचारियों को डाक्टरी के लिए जिला अस्पताल भेजा.

थाने का घेराव

घटना के बाद कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन त्यागी के नेतृत्व में कर्मचारी मेडिकल थाने पहुंच गए और सीएमएस व उनके पक्ष के कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की माग को लेकर हंगामा किया़ वहीं, इस घटना को लेकर डॉक्टर्स में भी तनाव पैदा हो गया है़ प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता के नेतृत्व में मेडिकल कॉलेज के सभी डॉक्टर्स की बैठक हुई.

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सीएमएस डॉ. अजीत चौधरी के आरोप

-कई कर्मचारी बिना काम किए वेतन ले रहे है. कई बार छापा मारकर कर्मचारियों को पकड़ा गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी हुई है.

-कई कर्मचारी यूनियन के नेता मेडिकल में ठेकेदारी तक कर रहे हैं. अगर कोई नया ठेकेदार काम करने आता है तो उसे मारपीट कर भगा दिया जाता है.

-कई कर्मचारी मरीजों से वसूली भी करते है, जिस पर उन्होंने सख्त रवैया अपनाया था.

-कर्मचारी उनकी हत्या की साजिश कर रहे हैं. इसके लिए बाहर से शूटर बुलाए गए थे.