नैनी सेंट्रल जेल में अनशन पर बैठे दानिश हैदर को लाया गया था पेशी पर

सूबे के एक काबीना मंत्री द्वारा जेल में प्रताडि़त कराए जाने का लगाया आरोप

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ALLAHABAD: नैनी सेंट्रल जेल में तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठा बंदी दानिश हैदर शुक्रवार को पुलिस के साथ कोर्ट रूम में पहुंचते ही गश खाकर गिर पड़ा और बेहोश हो गया. पुलिस उसे पेशी के लिए कोर्ट लाई हुई थी. बेहोशी की हालत में उसे बेली अस्पताल लाया गया. हॉस्पिटल में होश में आने के बाद वे हंगामा करने लगा. उसकी मांग थी कि हॉस्पिटल में डीएम को बुलाया जाय. वह हॉस्पिटल में भी भूख हड़ताल की जिद पर अड़ा रहा. अस्पताल में उसकी सुरक्षा में एक दारोगा और तीन सिपाही लगाए गए हैं. बंदी का आरोप है कि सूबे के एक काबीना मंत्री के इशारे पर उसे फर्जी फंसाकर जेल भेजा गया है. मंत्री के इशारे पर जेल में अधिकारी उसे प्रताडि़त कर रहे हैं.

मांग न मानने पर किया हंगामा

कौशांबी के सैनी थाना क्षेत्र स्थित निजामपुर निवासी सरदार हैदर का बेट दानिश हैदर (25) 15 माह से हत्या के प्रयास मामले में नैनी सेंट्रल जेल में बंद है. जेल में उसे हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है. दानिश का आरोप है कि उसे हाई सिक्योरिटी सेल में प्रताडि़त किया जा रहा है. आठ अगस्त से आमरण अनशन पर बैठने की यही वजह है. जेल में वह पानी तक नहीं पी रहा था. जेल की हॉस्पिटल में भर्ती होने के बावजूद शुक्रवार को उसे पेशी पर कचहरी लाया गया. कोर्ट रूम में पहुंचते ही दानिश बेहोश होकर गिर पड़ा. हालत गंभीर देख पुलिस उसे लेकर बेली हॉस्पिटल पहुंची. अस्पताल में जब उसे पानी पिलाने की कोशिश की गई तो वे हंगामा करते हुए डीएम को बुलाने की मांग करने लगा.

देना चाहता है डीएम को वीडियो

दिल्ली में साइबर कैफे चलाने वाले बंदी दानिश का आरोप है कि एक काबीना मंत्री के रिश्तेदार पर फाय¨रग के केस में उसे जेल भेजा गया है

-मंत्री के कहने पर उसे जेल के अंदर प्रताडि़त किया जा रहा है और आतंक के मामलों में बंद किए जाने वाले आरोपियों के बैरक में उसे रखा गया है

-दानिश का कहना है कि जेल की हकीकत दर्शाने वाली एक वीडियो वह डीएम को देना चाहता है, उसे डीएम से मिलवाया जाय.

सेंट्रल जेल है या होटल?

नैनी सेंट्रल जेल में पैसों के बल पर ऐशोआराम का मामला सामने आना कोई नई बात नहीं है. इस तरह के मामले कई बार आ चुके हैं. अब जेल के अंदर भूख हड़ताल कर रहे बंदी का भी कुछ ऐसा ही कहना है. बंदी दानिश का कहना है कि नैनी जेल हॉस्टल जैसा है. रात में वहां पैसा देने के बाद हर बंदी को मोबाइल इस्तेमाल करने की छूट दे दी जाती है. इससे भी बड़ी बात यह कि नशे सारे सामान बंदी रक्षक लाकर खुद देते हैं. उसकी बात सुन लोग दंग रहे गए. चर्चा होने लगी कि भाई नैनी सेंट्रल जेल है या होटल.