-सेंट्रल की कॉमन रिव्यू मॉनीटरिंग टीम ने मंडलीय व डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं को परखा

-अब रिपोर्ट का है चिकित्सालयों को इंतजार, धुकधुकी बढ़ी

गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स की दशा से शहर का हर कोई वाकिफ है. दवाएं और ट्रीटमेंट से लेकर डॉक्टर्स-स्टाफ के बिहेवियर तक को सब जानते हैं. शायद यही वजह है कि मौजूदा समय में प्राइवेट हॉस्पिटल्स की बाढ़ आई है. इन्ही सबकी पड़ताल को लेकर केंद्र की कॉमन रिव्यू मॉनिटरिंग (सीआरएम) टीम पिछले दिनों शहर में रही. एसएसपीजी मंडलीय हॉस्पिटल और पं. दीनदयाल उपाध्याय डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल का इंस्पेक्शन कर एक दर्जन बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की है. हॉस्पिटल्स में मरीजों से बातचीत के साथ ही सुविधाओं व दु‌र्व्यवस्थाओं पर रिपोर्ट समेत नई दिल्ली ले गई सीआरएम टीम जल्द ही फाइल खोलने वाली है. कम समय में दिन-रात लगकर हॉस्पिटल्स को संवारने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की अब धुकधुकी बढ़ गई है. रिपोर्ट यदि निगेटिव हुई तो फिर कईयों का बोरिया बिस्तर बंधना तय है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के नाते और सूबे के सीएम योगी के प्राथमिकता में शामिल बनारस पर सीआरएम टीम का खास फोकस रहा.

बिना छुट्टी लिए पूरा किया था काम

केंद्र की सीआरएम टीम ने मंडलीय, डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल्स की ओपीडी व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता, पर्ची काउंटर, लाभकारी योजनाओं की प्रगति, इलाज पर मरीजों से फीडबैक, साफ-सफाई, बिजली, शुद्ध पेयजल, विभागवार चिकित्सकों की कामकाजी रिपोर्ट से लेकर वार्डो तक का इंस्पेक्शन करने के बाद मरीजों में वितरण के लिए जाने वाले भोजन को भी चखा था. यह सब तैयारियां अधिकारियों व कर्मचारियों ने बेहद कम समय में दिन-रात लगकर पूरा किया था. उस दरम्यान सबकी छुट्टियां भी कैंसिल कर दी गई थी.

स्वास्थ्य विभाग में चल रही चर्चाएं

सीआरएम टीम के जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग में रैंकिंग को लेकर खूब चर्चाएं हो रही है. दबी जुबान से कह रहे हैं कि कितना भी बेहतर बनाएं लेकिन सीआरएम टीम की रिपोर्ट बहुत सकारात्मक आने वाली नहीं है. बहुत सी ऐसी चीजें टीम की जानकारी में आई है कि उस पर बेहतर से बेहतर रैंक फिसल जाएगा.