-खराब मशीन ठीक कराने के लिए भेजी गई दिल्ली लेकिन नहीं हुई ठीक, अब भेजी लखनऊ

-मरीजों ने की थर्सडे को सीएमएस से शिकायत, निजी हॉस्पिटल देने पड़ रहे अधिक पैसे

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BAREILLY :

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में सिटी स्कैन की मशीन करीब एक माह से खराब पड़ी है. मरीज डेढ़ से दोगुना महंगे दर पर प्राइवेट पैथोलॉजी में जांच कराने को मजबूर हैं, लेकिन अभी तक मशीन को ठीक नहीं कराया जा सका है. अब इसे सिस्टम की लापरवाही कहें या फिर मरीजों को लुटने के लिए अधिकारियों की मूक सहमति कहें. .

प्रतिदिन आते हैं 100 मरीज

डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के आंकड़ों पर ही गौर करे तो डेली करीब 100 अल्ट्रासाउंड होते हैं. इस लिहाज से हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन ने करीब 2200 मरीजों को प्राइवेट पैथोलॉजी को सौंप दिया. यह सर्वविदित है कि डॉक्टर को हर जांच के लिए कमीशन बंधा हुआ है. अब ऐसे में, सीटी स्कैन मशीन की खराबी दूर कराने में हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन क्यों रुचि ले. प्राइवेट पैथोलॉजी में सिर की जांच के लिए मरीजों को 12 सौ रुपए में कराना पड़ रहा है. तो पूरे शरीर की जांच के लिए 3200 देने पड़ रहे हैं. जबकि, यही जांच सरकारी हॉस्पिटल में होने पर 500 से 2400 रुपए में हो जाती है.

डिस्ट्रिक्ट निजी हॉस्पिटल

सिर 500 1200

हॉफ बाडी 1500 2200

फुल बाडी 2400 3200

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मशीन खराब होने की जानकारी मिली तो पहले दिल्ली और अब लखनऊ भेजा है. एक दो दिन में मशीन ठीक होकर आते ही सुविधा शुरू हो जाएगी.

केएस गुप्ता, सीएमएस, डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल