- पूर्व बैडमिंटन प्लेयर मीना शाह की मौत से खेल जगत में शोक की लहर

- सीनियर नेशनल बैडमिंटन चैम्पियनशिप में सात साल तक रही चैम्पियन

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LUCKNOW: पूर्व बैडमिंटन प्लेयर पद्मश्री मीना शाह की मौत से प्रदेश के खेल जगत में मायूसी छा गई. तमाम खेल संघों ने उनकी मौत पर संवेदना व्यक्त की. इस दिग्गज बैडमिंटन चैम्पियन ने शहर के एक हॉस्पिटल में मंगलवार को अंतिम सांसे ली. उनकी फैमिली में रिलेटिव के नाम पर सिर्फ एक फ्रेंड है.

कैसरबाग से शुरू की ट्रेनिंग

मीना शाह का जन्म बलरामपुर में क्9फ्7 में हुआ था. उनके पिता इकबाल अहमद शाह गर्वनमेंट जॉब में थे जबकि मां शशि लेखा शाह एक हाउसवाइफ थी. मीना शाह अपने पिता की एकलौती संतान थी. बचपन में ही वह पिता के साथ लखनऊ आ गई. यहां पर उन्होंने कैसरबाग के रिफा-ए-आम में बैडमिंटन की ट्रेनिंग शुरू की. बैडमिंटन जगत से जुड़े खिलाडि़यों ने बताया कि जब वह बैडमिंटन कोर्ट पर प्रैक्टिस करती थी तब इस गेम में ग‌र्ल्स प्लेयर की संख्या गिनी-चुनी थी. हाल यह था कि उन्हें ब्वायज के साथ प्रैक्टिस करनी पड़ी. इनको देखकर ही बाद में कई अन्य ग‌र्ल्स ने इस फील्ड में कदम रखा.

कई मेडल झटके

बैडमिंटन जगत के लोगों ने बताया कि जब उन्होंने एक बार काम्पटीशन खेलना शुरू किया तो एक के बाद एक कई मेडल झटके. धीरे-धीरे उनका नाम सिर्फ लखनऊ या इंडिया में नहीं बल्कि व‌र्ल्ड में फेमस हो गया. खास बात यह है कि मीना शाह ही एकलौती शटलर नहीं जिन्होंने नेशनल चैम्पियनशिप में सात बार लगातार टाइटिल लिफ्ट कर लोगों को दांतों तले अंगुलियां दबाने के लिए मजबूर कर दिया. तमाम शटलर उनके खेल के कायल थे. क्9भ्9 से क्9म्भ् तक वह लगातार चैम्पियन रही. इसके अलावा उन्होंने वीमेंस डबल्स और मिक्सड डबल्स में भी खिताबी जीत दर्ज की है.

कई साल गुजरे बेड पर

मीना शाह पिछले ख्0 साल से अधिक ऑन बेड पर थी. उसका कारण था कि उनकी बैक बोन से जुड़ी नस में दिक्कत आने से उनके पैरों ने काम करना बंद कर दिया. जिसके चलते वह पिछले कई सालों से बेड पर थी. उनकी बीमारी के चलते कई बार फाइंनेसिशयल प्राब्लम भी सामने आई. इसके चलते कई बार बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उनके इलाज के लिए कई बार हेल्प भी की.

खेल जगत में शोक

मीना शाह की मौत पर तमाम खेल संघों ने शोक व्यक्त किया है. बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के सचिव डा. विजय सिन्हा ने कहा कि खेल जगत के लिए यह एक अपूर्णीय क्षति है. यूपी ओलम्पिक एसोसिएशन के सचिव आनन्देश्वर पाण्डेय, यूपी हॉकी एसोसिएशन के सचिव डॉ. आरपी सिंह, यूपी जूडो एसोसिएशन के सचिव मुनव्व्र अंजार, यूपी वुशू एसोसिएशन के सचिव मनीष कक्कड़, यूपी वेटलिफ्टिंग एसोसिएशन के सचिव रंजीत सिंह, यूपी एथलेटिक एसोसिएशन के सचिव पीके श्रीवास्तव, लखनऊ एथलेटिक एसोसिएशन के सचिव बी आर वरुण समेत तमाम लोगों ने उनकी मौत पर दुख व्यक्त किया है.

मोविन ने दिया साथ

मीना शाह के साथ कई सालों से रह रही उनकी सहेली मोविन शॉ की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे. कोई कुछ पूछता तो कहती कल आइये, सब बता दूंगी. तमाम लोग उनको दिलासा दिला रहे थे. मोविन ने बताया कि मेरी लाइफ में उनके अलावा कोई नहीं था. पिछले कई सालों से मैं उनके साथ ही रह रही थी. उनके खाने से लेकर दवा देने तक जिम्मेदारी मेरे पास ही थी. वह मेरे साथ खेल पर खूब बातें करती थी. अपने खेल के किस्से सुनाती. मुझे तो ऐसा लगा रहा है सब कुछ खत्म हो गया.

लाइफ एक निगाह पर

नाम: पद्मश्री मीना शाह

गेम- बैडमिंटन

बर्थप्लेस- बलरामपुर

जन्म: क्9फ्7

प्रैक्टिस: कैसरबाग स्थित रिफा-ए-आम क्लब से

उपलब्धियां: सात बार लगातार नेशनल चैम्पियन (क्9भ्9 से क्9म्भ् तक)

- वीमेंस डबल्स में दो बार चैम्पियन

- मिक्सड डबल्स में दो बार चैम्यिन

निवास: बारादरी के सामने बने बलरामपुर हॉस्टल के बगल में

डेथ: क्0 मार्च ख्0क्भ्