क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) में कायदे-कानून तक पर रखकर नियुक्ति से लेकर कामकाज में हुई धांधली व लापरवाही की परत-दर-परत खुल रही है. अब सीडब्ल्यूसी मेंबर्स के एफिडेविट जमा नहीं किए जाने का मामला सामने आया है. मंगलवार को जब डिस्ट्रिक्ट वेलफेयर ऑफिसर ने सीडब्ल्यूसी मेंबर्स के डिटेल्स खंगाले तो किसी मेंबर ने एफिडेविट नहीं दिया था, जबकि डुमरदगा स्थित रिमांड होम के जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में कार्यरत दो मेंबर्स के एफिडेविट मिले. गौरतलब है कि सीडब्ल्यूसी का मेंबर बनने वालों को हर हाल में एक एफिडेविट देना अनिवार्य है.

मेंबर्स को जाएगा लेटर

इस संबंध में जिला कल्याण पदाधिकारी की ओर से एक पत्र भेजा जाएगा. जिसमें बाल कल्याण समिति में मौजूद सदस्यों को शपथ पत्र देना होगा और उसकी एक कॉपी अपने पास रखनी होगी.

क्या देना होता है एफिडेविट में

एफिडेविट में मेंबर्स को यह लिखकर देना होता है कि वे जिस पद को संभाल रहे हैं, उसमें विवाद नहीं होगा और पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी. इतना ही नहीं, यह भी बताना होगा कि उसके खिलाफ किसी तरह का कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है. सोशल वर्कर हूं और कोई चाइल्ड लेबर न रखा है और न भविष्य में रखेंगे. कोर्ट में दंडाधिकारी की हैसियत नियम संगत फैसला करूंगा.