-पेटीएम के जरिए खिलौने मंगाए थे, कोतवाली में दर्ज कराई एफआईआर

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BAREILLY: आम आदमी से साइबर ठगी के मामले तो रोज सामने आ रहे थे लेकिन अब साइबर ठगों ने पुलिस अधिकारियों को भी ठगना शुरू कर दिया है. साइबर ठगों ने एडीजी जोन बरेली प्रेम प्रकाश को ही अपना शिकार बना लिया. एडीजी ने पेटीएम के जरिए गेटी कंपनी से 12 हजार के खिलौने बुक किए थे लेकिन उन्हें 8 हजार के खिलौने डिलीवर ही नहीं किए. उन्होंने पेटीएम, टॉय सेल करने वाली कंपनी और डिलीवरी ब्वॉय से भी बात की लेकिन 4 दिनों से कोई सही रेस्पॉन्स नहीं मिला. एडीजी ने कोतवाली में कोरियर सर्विस के श्याम सिंह, कुशाल सिसौदिया और पेटीएम व गेटी कोरियर सर्विस के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आईटी एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है.

6 अक्टूबर तक होनी थी डिलीवरी

एडीजी प्रेम प्रकाश के मुताबिक उन्होंने 26 सितंबर 2018 को पेटीएम एप से 12,722 रुपए की कीमत के टॉय ड्रोन समेत अन्य खिलौने बुक किए थे. पेटीएम ने खिलौनों की डिलीवरी 6 अक्टूबर तक करना बताया था. उन्होंने करीब 4 हजार की कीमत का एक खिलौना कैंसिल कर दिया था. 397 रुपए की कीमत का टॉम कैट खिलौना समय पर डिलीवर हो गया लेकिन अन्य खिलौनों की डिलीवरी नहीं हुई. जब उन्होंने ऑनलाइन पेटीएम के अधिकारियों से बात की तो उन्हें गैटी कोरियर सर्विस के द्वारा सामान की डिलीवरी होना बताया और डिलीवरी को ऑनलाइन ट्रैक करने के लिए कहा गया.

चेन्नई पहुंच गया माल

एडीजी के मुताबिक उन्होंने ऑनलाइन ट्रैक किया तो 7 अक्टूबर को उन्हें बताया गया कि उनके सामान की डिलीवरी गेटी कोरियर सर्विस के श्याम सिंह के द्वारा की जाएगी और श्याम सिंह का मोबाइल नंबर भी दिया गया. श्याम सिंह से संपर्क करने के बाद भी सामान की डिलीवरी नहीं हुई. जब 10 अक्टूबर को उन्होंने श्याम सिंह को फोन किया तो उसने अपने सीनियर अधिकारी कुशाल सिसौदिया से बात कराई. कुशाल सिसौदिया ने बताया कि सामान चेन्नई आ गया है. शिप पर लोड हो रहा है, आपको शाम को बता देंगे. कुछ देर बाद पेटीएम की ओर से मैसेज आया कि हमारे कोरियर पार्टनर ने बताया है कि आपने डिलीवरी लेने से इनकार कर दिया है. जिससे साफ हो गया कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है.

लग्जरी कार का झांसा देकर फौजी से 80 हजार ठगे

वहीं साइबर ठगों ने सेना के जवान को भी अपना शिकार बना लिया. मूलरूप से आंध्र प्रदेश निवासी हवलदार पी भास्कर बरेली में तैनात हैं. वह हेड पोस्ट ऑफिस के पास रहते हैं. उन्होंने 1 अक्टूबर को शॉपिंग साइट से सामान खरीदा था. सामान खरीदने के बाद उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि उनकी लॉटरी निकली है. जिसमें उन्होंने लग्जरी टाटा सफारी कार जीती है. कार लेने के लिए उन्हें गाड़ी रजिस्ट्रेशन के 6500 रुपए, टैक्स के 25200 रुपए और बाद में चेक ट्रांसफर व चेक चार्ज के 49900 रुपए जमा करने होंगे. वह ठगों के झांसे में आ गए और सोनू पाल नाम के अकाउंट में 80700 रुपए जमा कर दिए. जब उन्हें गाड़ी नहीं मिली तो ठगी का अहसास हुआ. जवान ने वेडनसडे को एसएसपी से शिकायत की. एसएसपी ने एसएचओ कैंट को मामले में कार्रवाई के लिए लिखा. एसएचओ कैंट ने साइबर सेल को रिपोर्ट भेज दी है.