-कहीं पासवर्ड चोरी कर फेसबुक का कोई कर न ले गलत इस्तेमाल

-एटीएम नंबर व ओटीपी बताने पर अकाउंट भी हो सकता है खाली

bareilly@inext.co.in

BAREILLY: स्मार्टफोन लोगों की रोजमर्रा की लाइफ में शामिल हो गया है. लोग अपनी पर्सनल डिटेल भी इसी में रखते हैं, चाहें वह ईमेल आईडी हो या फेसबुक आईडी या फिर बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारी. स्मार्टफोन इस्तेमाल के दौरान ही लोग अनजाने में बड़ी गलती कर देते हैं, जिसकी वजह से उनका पासवर्ड चोरी हो जाता है. पासवर्ड चोरी होने के बाद मेल या सोशल साइट का अकाउंट ओपन कर अश्लील फोटो पोस्ट कर बदनाम कर दिया जाता है. बैंक अकाउंट खासकर एटीएम कार्ड से जुड़ी जानकारी चोरी कर अकाउंट खाली कर दिया जाता है. फ्राइडे को भी बरेली में दोनों तरह के मामले सामने आए हैं. यूपी पुलिस स्मार्टफोन के इस्तेमाल यानि ऑनलाइन सेफ्टी को लेकर ट्विटर के जरिए अवेयर कर रही है ताकि लोग इस तरह के साइबर क्राइम से बच सकें. आइए बताते हैं किस तरह से पब्लिक को किया जा रहा है अवेयर..

केस 1-

ट्रांजेक्शन फ्री के बहाने 3.2 लाख की साइबर ठगी

साइबर ठगों ने अब ठगी का एक और नया तरीका ईजाद कर लिया है. पीएसी के जवान दुरविजय सिंह को तीन वर्ष तक डेबिट कार्ड से ट्रांजेक्शन फ्री के बहाने ठगों ने 3,20,000 रुपए का चपत लगा दिया. जवान का एसबीआई मेन ब्रांच में अकाउंट है. फोन करने वाले ने एसबीआई से फोन करने वाला खुद को बताया और फिर एटीएम नंबर और ओटीपी नंबर पूछ लिया. जवान ने कैंट थाना में एफआईआर दर्ज कराई है.

केस 2-

कोतवाली में एसआरएमएस डिग्री कॉलेज की छात्रा का पासवर्ड जानकर फेसबुक आईडी हैक कर अश्लील फोटो डालने का मामला सामने आया है. छात्रा के फोटो को अश्लील बनाया गया है. छात्रा एक व्यापारी की बहन है, जिसकी वजह से उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है. छात्रा काफी टेंशन में रह रही है. कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच साइबर सेल को दे दी है.

ई पासवर्ड हो अलग-अलग

ई-पासवर्ड का मतलब है, ईमेल, फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम, क्रेडिट कार्ड में यूज होने वाला पासवर्ड है. अधिकांश लोग सभी में एक ही पासवर्ड इस्तेमाल करते हैं, जिसकी वजह से यदि किसी भी एक अकाउंट का पासवर्ड गलती से किसी के हाथ लग गया, तो वह सभी अकाउंट का गलत इस्तेमाल कर सकता है. ऐसे में ई-पासवर्ड सभी अकाउंट का अलग-अलग होना चाहिए.

अनजान नंबर से न करें बात

अक्सर पब्लिक के मोबाइल पर 44, 0568 जैसे या फिर 11 डिजिट वाले नंबर से कॉल आती हैं. कई बार साइबर ठग भी अलग-अलग मोबाइल नंबर से कॉल करते हैं. लोग इन अनजान नंबर को रिसीव कर बात करते हैं और फिर ठग लोगों से उनके अकाउंट से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं. कॉलर इस तरह से बात करता है कि लोग झांसे में आ जाते हैं और पासवर्ड भी बता देते हैं. ऐसे में किसी भी अनजान नंबर से बात नहीं करनी चाहिए.

अपना मोबाइल किसी को न दें

मोबाइल में लगभग सभी जानकारी होती है लेकिन कई लोग अपने फोन को लेकर अवेयर नहीं होते हैं. वह किसी को भी अपना फोन दे देते हैं. लोग इसका भी फायदा उठा लेते हैं और चोरी से उसके मेल, सोशल साइट्स या फिर बैंक अकाउंट की डिटेल ले लेते हैं. उसके बाद गलत इस्तेमाल करते हैं और पता भी नहीं चलता है. ऐसे में कभी भी अपना मोबाइल किसी को नहीं देना चाहिए.