PATNA : पटना में लगातार साइबर ठग लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। ये लोग अब काफी स्मार्ट हो गए हैं। अभी तक ये लोग ओटीपी और पिन कोड पूछकर आपके खाते से रुपए उड़ाते थे लेकिन अब ये लोग बिना ओटीपी और डेबिट कार्ड की जानकारी लिए हुए भी रुपया उड़ा रहे हैं। सबसे हैरानी की बात ये है कि ये लोग बैंक की छुट्टी से एक दिन पहले महीने के पहले सप्ताह में आपके खाते से रुपए उड़ा रहे हैं। ठग खासकर बैंक की छुट्टी से एक दिन पहले ही इस घटना को अंजाम देते हैं। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की पड़ताल में ये पता चला है कि ठग महीने के पहले सप्ताह में इसलिए ठगी करते हैं क्योंकि इस समय लोगों की सैलरी आती है। इसके साथ ही छुट्टी से एक दिन पहले जालसाज ठगी करते हैं ताकि जब तक लोग इसकी शिकायत करने बैंक जाए तब तक ठिकाना बदलने का मौका मिल जाए।

पुलिस पर भारी जालसाज

पहले इस तरह की घटनाओं के पीडि़त लगभग रोज ही पुलिस के पास आते थे, लेकिन अब सोमवार या छुट्टी के अगले दिन ही ठगों का शिकार हुए लोग ज्यादा आते हैं। पीडि़त जब तक बैंक या पुलिस के पास पहुंचता है रकम का टांजैक्शन हो जाता है। पुलिस जब तक संबंधित बैंक से संपर्क करती है अपराधी फर्जी खातों में ये रकम पहुंचा चुके होते हैं। साइबर ठगों की ये करतूत पुलिस पर भारी पड़ रही है। अब पुलिस इसकी काट का तरीका तलाश रही है।

ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे ठग

पहले साइबर ठगी के मामलों में रकम बैंक खातों में ट्रांसफर होती थी। साइबर सेल ने जब इन पर शिकंजा कसना शुरू किया तो जालसाजों ने इसका भी रास्ता निकाल लिया। अब वे रकम खाते में ट्रांसफर करने की बजाए ऑनलाइन खरीदी कर रहे हैं। ऐसे में सेल को यह पता तक नहीं चल पाता कि खरीदारी करने वाला कौन है।

हर रोज आधा दर्जन आ रही शिकायत

पहले पटना के थानों में में प्रतिदिन चार से पांच शिकायतें आती थीं। कुछ दिनों से सोमवार को आधा दर्जन से अधिक शिकायतें आनी लगी हैं। पुलिस ने जब तस्दीक की तो वह भी हैरान रह गए कि अब अधिकांश वारदातें शनिवार को या फिर किसी शासकीय अवकाश से एक दिन पहले हो रही है। अधिकारियों को पता चला कि ऑनलाइन ठगी के बाद अधिकतर लोग या तो बैंक जाते हैं या सेल में आते हैं। वे तुरंत अपना एटीएम लॉक नहीं कराते। ठग इसी बात का फायदा उठाते हैं। चूंकि, रविवार या शासकीय अवकाश को बैंक बंद रहते हैं, ऐसे में साइबर सेल भी बैंक ट्रांजैक्शन रोक नहीं पाती है।