क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: अगर आपने बैंक में क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई किया है तो अलर्ट हो जाइए. शहर में साइबर ठगों का गैंग सक्रिय हो गया है. दो माह में साइबर ठगों ने लोगों से क्रेडिट कार्ड और ओटीपी नंबर की डिटेल पूछकर लगभग 20 लाख की ठगी कर ली है. कई मामलों में क्रेडिट कार्ड के जरिए शॉपिंग तक कर डाली है. पोस्ट के माध्यम से घर पर क्रेडिट कार्ड पहुंच रहा है, उसके कुछ देर बाद ही ठग बैंककर्मी बन कस्टमर से कार्ड वेरिफिकेशन के नाम पर सारी जानकारी ले रहे हैं. कस्टमर को मोबाइल पर मैसेज आने के बाद ठगी की जानकारी होती है. इसके बाद पीडि़त मजबूर होकर बैलेंस वापस पाने के लिए पुलिस थाना और बैंक के चक्कर लगाकर परेशान होता है. साइबर सेल के एक्सपर्ट के मुताबिक, इन ठगों को लाखों की रकम निकालने में महज सात सेकेंड का ही समय लगता है.

ऐसे बना रहे शिकार

झारखंड साइबर अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है. पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद साइबर अपराधी नए-नए तरीके ईजाद कर आमलोगों की मेहनत की कमाई उड़ा रहे हैं. साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया तरीका ईजाद किया है अब वे ओटीपी के जरिये लोगों से ठगी कर रहे हैं. हाल के दिनों में राजधानी में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें साइबर अपराधी वन टाइम पासवर्ड के जरिए लोगों के खाते से पैसे उड़ा रहे हैं. नई तकनीक में साइबर अपराधी कुछ खास नंबरों को निशाना बनाते हैं. साइबर अपराधी पहले अपने शिकार की रेकी करते हैं, फिर उनके एटीएम या क्रेडिट कार्ड का डिटेल्स निकाल लेते हैं. उसके बाद वे अपने शिकार के नंबर पर ओटीपी पासवर्ड भेजते हैं. पासवर्ड पहुंचते ही अपराधी तुरन्त उस नंबर पर कॉल कर यह कहते हैं कि उनके फोन नंबर के आखिरी डिजिट में एक अंक का अंतर है और गलती से ओटीपी उनके नंबर पर चला गया है. साइबर अपराधी झांसे में लेकर ओटीपी नबंर हासिल कर लेते हैं और थोड़ी ही देर में अकाउंट से पैसे उड़ा लेते हैं.

सभी बैंकों पर है कब्जा

साइबर अपराधियों ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया समेत कई राष्ट्रीयकृत बैंकों की वेबसाइटों पर कब्जा कर रखा है. उनकी पहुंच हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन कंप्लेंट फोरम तक भी है. टॉल फ्री नंबर या ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने वालों या इन्क्वायरी करने वालों के खाते की जानकारी हासिल कर लेते हैं.

वेबसाइट हैक कर डाटा की चोरी

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, साइबर अपराधी बैंकों की वेबसाइट हैक कर डाटा की चोरी कर रहे हैं. साइबर अपराधी किसी भी वेबसाइट को हैक कर सकते हैं. इसके लिए वे लूप होल की तलाश करते हैं. इसके लिए पैन-टेस्टिंग करते हैं, पैन टेस्टिंग के जरिए संबंधित वेबसाइट की बैकडोर लूप, फायरवाल की स्थिति, स्क्रिप्ट डेटा समेत अन्य खामियों का पता लगा लेते हैं. इसके बाद वेबसाइट हैक कर संबंधित डेटा और विवरण का दुरुपयोग करते हैं. ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें वेबसाइट में दर्ज डेटा को भी छेड़छाड़ कर डिस्पले करते हैं.

रांची पुलिास साइबर ठगों से परेशान

साइबर अपराधी किस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसकी भनक अभी तक साइबर थाने को नहीं लग सकी है. आधा दर्जन से ज्यादा मामले रांची पुलिस तक पहुंच चुके हैं, मगर उपलब्धि के नाम पर शून्य है. रांची एसएसपी के अनुसार, लोगों को जागरूक होना होगा. पुलिस लगातार आमलोगों को जागरूक भी कर रही है. किसी भी हाल में अज्ञात नम्बर से फोन करने वाले को ओटीपी नंबर नहीं बताना है. ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस एक बार फिर आमलोगों को जागरूक करेगी.

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कब-कब उड़ाई राशि

1. दो खातों से लाखों रुपए की निकासी

9 नवंबर, 2018: बरियातू थाना क्षेत्र में शुक्रवार को साइबर क्राइम के तहत 99 हजार रुपए की अवैध निकासी कर ली गई. वहीं दूसरे मामले में 50 हजार रुपए निकाल लिए गए. किसी ने खुद को दीपक शर्मा बताया तो कोई केके झा बनकर रुपए उड़ा लिया. इधर, गोड्डा के विजय दुबे का साइबर अपराधियों ने डेढ़ लाख रुपए ठग लिया. गोड्डा थाना में साइबर क्राइम के तहत विजय दुबे ने मामला दर्ज कराया है.

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2. तीन लोगों को खाते से 2.11 लाख निकाले

19 मार्च, 2018: पंडरा ओपी क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने अलग-अलग तीनों लोगों के खाते से कुल 2.11 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर ली. शाहदेव नगर की रहने वाली सुधा मिश्रा ने अपने खाते से एक लाख रुपए की अवैध निकासी की प्राथमिकी पंडरा ओपी में दर्ज कराई है. एटीएम पास रहने के बावजूद खाते से 15 से 19 मार्च के बीच एक लाख रुपए निकाले गए.

3. घर में था एटीएम कार्ड फिर भी उड़ा लिए पैसे

31 मार्च, 2018: इटकी रोड स्थित बांसटोली के रहने वाले सुदामा शर्मा के खाते से साइबर अपराधियों ने 95 हजार रुपए निकाल लिये. उनका अकाउंट पीएनबी पिस्का मोड़ शाखा में है. जब उन्होंने बैंक से अपने खाते की डिटेल निकाली, तब पता चला कि उनका पैसा किसी मो. अनवर अली के पटना शहर ब्रांच के खाते में ट्रांसफर हुआ है. 26 से 31 मार्च के बीच पैसे का ट्रांसफर किया गया है. पैसे से बिग बाजार में खरीदारी भी की गई. जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उसका एड्रेस भोजपुर आरा है. पुलिस अब उस खाता धारक की पड़ताल कर रही है.

4. बैंक स्टाफ बता मदद की और 16 हजार निकाले

31 मार्च, 2018: पिस्का मोड़ स्थित एटीएम से पैसे निकाल कर घर जा रही महिला के खाते से थोड़ी ही देर बाद 16 हजार रुपए की अवैध निकासी हो गई. तुपुदाना की रहने वाली अनिमा कंडुलना ने 31 मार्च को शाम 4.30 बजे पिस्का मोड़ स्थित आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम से चार हजार रुपए निकाले थे. उनके मोबाइल पर शाम 6.58 बजे 10 हजार, फिर सात बजे 6 हजार रुपए निकलने की सूचना मिली. अनिमा द्वारा दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि जब वह एटीएम से निकली थी, तब उन्हें एक व्यक्ति मिला था. उसने खुदे को बैंक का कर्मचारी बताते हुए अपना नाम आशुतोष बताया और उनका मोबाइल लेकर नेट बैंकिंग व ट्रांसफर के बारे में जानकारी देने लगा. उसने उनके मोबाइल पर आए ओटीपी नंबर को भी पूछा था. अनिमा ने उस व्यक्ति पर पैसे निकालने का शक व्यक्त किया. महिला की शिकायत के बाद पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है.

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ऐसे बचें इन फ्रॉड से

-क्रेडिट कार्ड से संबधित जानकारी किसी से शेयर न करें.

-बैंक कर्मी बनकर कोई क्रेडिट कार्ड की डिटेल मांगे तो न बताएं.

-बैंक फोन पर कोई डिटेल नहीं मांगता है वह कस्टमर को बैंक बुलाकर डिटेल मांगता है.

-समय-समय पर पिन चेंज करते रहें और इसे घर के सदस्यों को छोड़कर किसी से शेयर न करें.

-प्रॉब्लम आने पर संबंधित बैंक से तुरंत सम्पर्क करें.

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कोट

वर्तमान में राज्य भर से साइबर क्राइम के कई मामले आ रहे हैं, जिनकी साइबर थाना द्वारा जांच की जा रही है. अबतक ठगों ने दो माह में 20 लाख से अधिक की राशि उड़ा ली है. कुछ लोगों के तत्काल कंप्लेन करने पर राशि उनके खाते में भेज दी गई है.

सुमित कुमार, डीएसपी, साइबर थाना