एडीएम प्रशासन की फेक आईडी बनाकर शिकायत करने का मामला साइबर सेल को भेजने की तैयारी

-जांच के दौरान डिलीट की गई आईडी, दर्ज कराया जाएगा अज्ञात पर मुकदमा

BAREILLY :

फर्जीवाड़ा करने वालों ने एडीएम प्रशासन तक को नहीं बख्शा. कलेक्ट्रेट में एडीएम प्रशासन के नाम से फेक आईडी बना डाली. हालांकि पहचान होने से पहले आरोपी ने आईडी को डिलीट कर दिया, लेकिन संदेह के घेरे में आए ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के इंजीनियर की कलेक्ट्रेट से छुट्टी कर दी गई है. कंपनी ने उसकी जगह दूसरे इंजीनियर की तैनाती कर दी है.

मुकदमा दर्ज करके मामला साइबर सेल को भेजने की तैयारी है.

ई-डिस्ट्रिक्ट को मिले थे 108 कम्प्यूटर

जिले को ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना के तहत 108 कम्प्यूटर मिले थे. उसमें 16 कलेक्ट्रेट की लैब में लगे हैं, जो कमरा नंबर नौ में खोला गया है. यह काम एक कंपनी के जरिये कराया गया है. कंपनी के हेड ऑफिस तक शिकायत पहुंची कि ज्यादातर कम्प्यूटर खराब हो गए हैं. इसके बाद कंपनी ने मरम्मत के लिए इंजीनियर भेजे तो चौंकाने वाला मामला सामने आया. पहली बार एडीएम ई के नाम से कंपनी को मरम्मत के लिए ई-मेल पहुंचा था, तब जबकि ऐसा उनके स्तर से नहीं किया जाता. कंपनी के इंजीनियर ने थर्सडे को कलेक्ट्रेट आकर एडीएम ई से बात की तो उन्होंने मेल भेजने से इनकार कर दिया. उनके नाम से बनी आईडी जांच में फेक पाई गई. लॉगिन व पासवर्ड जीमेल पर क्रिएट किया गया था. मिलान करने से फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया. इससे पहले कि बतौर सुबूत फेक आईडी को कॉपी किया जाता, बनाने वाले ने उसे कहीं और बैठकर डिलीट कर दिया. इस वजह से फिलहाल वह पकड़ में नहीं आ सका. फिर भी कंपनी ने संदेह के आधार पर कार्रवाई करते हुए कलेक्ट्रेट में तैनात अपने इंजीनियर जीशान को हटा दिया. उनकी जगह अंकित कुदेशिया को जिम्मेदारी दी गई है. जांच में ज्यादातर कम्प्यूटर भी ठीक पाए गए. एक-दो खराब थे, जिनकी मरम्मत कर दी गई है. इस मामले में एडीएम ई के स्तर से भी कार्रवाई कराई जा रही है.

वर्जन

फेक आईडी बनाने वाला पकड़ में नहीं आ सका है, उसके लिए मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. मामले की जांच साइबर सेल से होगी.

रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन