- 50 किमी. की सड़कें बनेंगी स्मार्ट

- 86.49 लाख रुपये सर्वे कॉस्ट

- इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन ट्रांसपोर्ट ने सर्वे कर सौंपी ड्राइंग

- निगम की ओर से जल्द ही निकला जाएगा टेंडर

<- भ्0 किमी. की सड़कें बनेंगी स्मार्ट

- 8म्.ब्9 लाख रुपये सर्वे कॉस्ट

- इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन ट्रांसपोर्ट ने सर्वे कर सौंपी ड्राइंग

- निगम की ओर से जल्द ही निकला जाएगा टेंडर

abhishekmishra@inext.co.in

LUCKNOW

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LUCKNOW स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर की सड़कों को 'स्मार्ट' बनाने की कवायद शुरू हो गई है. पहले चरण में डालीगंज समेत करीब भ्0 किमी. सड़कों को स्मार्ट बनाया जाएगा. इसके साथ ही शहर के दस प्रमुख चौराहों का भी सौंदर्यीकरण कराने की तैयारी शुरू हो गई है. इन कार्यो के लिए जल्द ही निगम की ओर से टेंडर निकाला जाएगा.

सर्वे के बाद सौंपी ड्राइंग

स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सड़कों को स्मार्ट बनाने से पहले उनका सर्वे कराया गया था. यह सर्वे दिल्ली से आई इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन ट्रांसपोर्ट की टीम ने किया था. टीम ने ट्रैफिक, पार्किग, ग्रीन लेन आदि कई बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की थी. साथ ही यह भी बताया कि इन सड़कों को स्मार्ट बनाने में कितना खर्च आएगा. इसके बाद पीडब्ल्यूडी से भी इस सर्वे पर चर्चा की गई. यह जानकारी सामने आई है कि अब सर्वे करने वाली टीम ने स्मार्ट सड़कों की ड्राइंग भी सौंप दी है. सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़कों को स्मार्ट बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए जा रहे हैं.

पहले चरण में भ्0 किमी.

पहले चरण में करीब भ्0 किमी. सड़कों को स्मार्ट बनाया जाएगा. चयनित सड़कों के आधार पर ही इंस्टीट्यूट ने सर्वे किया था. सर्वे में मुख्य रूप से डालीगंज, गोमती के आसपास की रोड, कैसरबाग रोड आदि शामिल थीं.

सर्वे कॉस्ट एक नजर में

प्रस्ताव तैयार कराये जाने की अनुमानित लागत 8म्.ब्9 लाख रुपये के करीब है. इसमें क्.ख्फ् लाख प्रति किमी मार्ग डिजाइन के लिए एवं ख्.भ्ख् लाख रुपये प्रति इंटरसेक्शन की दर पर आईयूटी (इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन ट्रांसपोर्ट) द्वारा प्रस्तावित किया गया है.

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इस तरह सड़कें बनेंगी स्मार्ट

सड़कों को स्मार्ट बनाने के लिए कई बिंदुओं पर प्रस्ताव तैयार किया गया है. इन बिंदुओं को शुरू करके सड़कों को स्मार्ट बनाया जाएगा.

क्-ग्रीन बेल्ट रहेगी पूरी तरह से सुरक्षित

ख्-सड़क पर स्मूथ ट्रैफिक

फ्-फुटपाथ की व्यवस्था

ब्-सड़क पर सुरक्षित कर्व की व्यवस्था

भ्-सड़क के दोनों तरफ सौंदर्यीकरण

म्-स्ट्रीट फर्नीचर की व्यवस्था (स्ट्रीट लाइट, सिटिंग व्यवस्था) आदि

7-पार्किग की सुविधा

8-हॉकर्स के लिए समुचित व्यवस्था

9-उचित स्थान पर बस शेल्टर

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इन चौराहों का सौंदर्यीकरण

वैसे तो चौराहों की फाइनल लिस्ट सामने नहीं आई है लेकिन यह साफ है कि इसमें हजरतगंज, सिकंदरबाग, कैसरबाग, अलीगंज आदि शामिल किए गए हैं.

वर्जन

शहर की भ्0 किमी. सड़कों और दस चौराहों को स्मार्ट बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. इसके लिए इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन ट्रांसपोर्ट द्वारा किया गया सर्वे पूरा हो चुका है. उन्होंने डालीगंज समेत आठ सड़कों की ड्राइंग भी सौंपी है. इसके आधार पर अगले कदम उठाए जाएंगे. जल्द ही टेंडर निकाले जाएंगे.

एसके जैन, जीएम, स्मार्ट सिटी

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क्या सड़कों के स्मार्ट होने का असर यहां की यातायात व्यवस्था पर पड़ेगा?