-'प्रधानमंत्री बालिका समृद्धि योजना' के नाम पर जालसाजों ने शुरू की वेबसाइट

-एसएमएस के जरिये लिंक भेजकर फॉर्म में डिटेल भरने की दे रहे नसीहत

-10 हजार रुपये का चेक देने के नाम पर लोगों को ले रहे झांसे में

pankaj.awasthi@inext.co.in

LUCKNOW : अगर आपके मोबाइल फोन पर प्रधानमंत्री बालिका समृद्धि योजना-2018 से संबंधित कोई एसएमएस आए तो सावधान हो जाइये और उस पर दिये गए लिंक को क्लिक कतई मत कीजिए. यह सरकार द्वारा भेजा गया कोई संदेश नहीं बल्कि, जालसाजों द्वारा आप पर फेंका गया जाल है. दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा बेटियों के लिये शुरू किये गए 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को जालसाजों ने आम लोगों को ठगने का हथियार बना लिया है. आम लोगों को ठगने के लिये जालसाजों ने वेबसाइट भी बना ली और उस पर फॉर्म भरने वाले को 10 हजार रुपये का चेक देने का वायदा किया जा रहा है. प्रधानमंत्री के नाम पर खुलेआम चल रहे ठगी के धंधे पर अब तक किसी सुरक्षा एजेंसी की नजर नहीं पड़ी है.

इस तरह दे रहे झांसा

इन दिनों आम लोगों के मोबाइल फोन पर एक एसएमएस आ रहा है. इस एसएमएस में लिखा है कि 'प्रधानमंत्री द्वारा 1 से 18 साल की बालिकाओं की नि:शुल्क 10 हजार का चेक दिया जा रहा है. बालिकाओं के भविष्य के लिये इस योजना को चालू किया गया है. आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त है तो जल्दी करें और इस मैसेज को अपने सभी दोस्तों को भेजें ताकि, इस योजना का लाभ सभी को मिल सके.' जैसे ही इस एसएमएस के झांसे में कोई शख्स आया और इस एसएमएस के नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक किया तो सुकन्या समृद्धि योजना नाम की वेबसाइट खुल जाती है. वेबसाइट के होम पेज पर ही लोगों को फॉर्म भरने की ताकीद की जाती है. जिसमें आपका नाम, बेटी का नाम, उम्र आदि डिटेल मांगी जाती है.

वॉट्सएप पर वायरल करने पर ही रजिस्ट्रेशन

फॉर्म भरने के बाद वेबसाइट आपका वेरिफिकेशन मांगती है. वेरिफिकेशन के लिये वेबसाइट के लिंक को वॉट्सएप पर वायरल करने को कहा जाता है. इसके तहत 10 ग्रुप या दोस्तों को शेयर करना जरूरी है. जिसके बाद ही आपको फॉर्म का रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने की बात कही गई है. लिंक शेयर करने के बाद एक पांच डिजिट का रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाता है. चेक 'मिलने' की डिटेल व डेट जानने के लिये वेबसाइट पर सुकन्या योजना की एंड्रॉयड एप डाउनलोड करना कंपलसरी है.

एप के जरिये हैक हो जाती है पर्सनल डिटेल

साइबर एक्सपर्ट सचिन गुप्ता बताते हैं कि अनसेफ एंड्रॉयड एप डाउनलोड करना खतरे से खाली नहीं है. जहां तक सुकन्या समृद्धि योजना एप का सवाल है, वह गूगल प्ले स्टोर पर अवलेबल तो है लेकिन, इसे हार्मफुल कैटेगरी में रखा गया है. यानि, इस एप में माल वेयर (एक तरह का वायरस) की संभावना है. सचिन ने बताया कि ऐसे एप को डाउनलोड करने पर मोबाइल में मौजूद सारा पर्सनल डाटा और बैंक डिटेल इस वेबसाइट संचालकों तक खुद-ब-खुद पहुंच जाती है. जिसके बाद आपके बैंक अकाउंट या अन्य डिटेल का जालसाज मनमर्जी इस्तेमाल कर सकते हैं.

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सिंगापुर के सर्वर पर होस्ट है वेबसाइट

एक्सपर्ट सचिन गुप्ता ने बताया कि जालसाजों ने इस वेबसाइट को असली दिखाने की भरपूर कोशिश की है ताकि आम लोगों को इस पर विश्वास हो सके. दरअसल, केंद्र सरकार के किसी भी विभाग की वेबसाइट के लिंक के अंत में gov.in होता है. इसका मतलब होता है कि वह वेबसाइट सरकारी सर्वर पर होस्ट है. जालसाजों ने इस वेबसाइट का लिंक भी इसी से मिलता जुलता रखा है. इस वेबसाइट का लिंक sukanya-yojna.pm-gov.in/about.html है,, ताकि लोगों को आसानी से इस पर यकीन हो सके. पड़ताल में यह भी पता चला कि यह वेबसाइट सिंगापुर के प्राइवेट सर्वर पर होस्ट है. यानि, यह साबित होता है कि यह सरकारी वेबसाइट नहीं है और इसका इस्तेमाल सिर्फ लोगों को ठगने के लिये किया जा रहा है.

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यह वेबसाइट प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत हो रही है. इसकी जांच की जाएगी और गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.

डॉ. त्रिवेणी सिंह

एसपी, एसटीएफ साइबर विंग