RANCHI: बिहार की रहने वाली एक युवती को उसके मां-बाप और बड़ी बहन ने ही पैसों की खातिर दो बार हरियाणा में बेच डाला. तीसरी बार भी उसे बेचने की तैयारी चल रही थी. लेकिन युवती किसी तरह भाग कर रांची अपने फुफेरे भाई के पास आ पहुंची. इसके बाद युवती कीशिकायत पर रांची के गोंदा थाना में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है. रांची के गोंदा थाने में अपनी गुहार लेकर पहुंची यह लड़की बिहार के गया की रहने वाली है. रांची के एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के गोंदा थाने में युवती की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

मां-बाप, बहन समेत दलाल पर केस

मंगलवार की देर रात कल्पना गया से भागकर रांची पहुंची और किसी तरह रांची में रहने वाले अपने फुफेरे भाई को खोज निकाला और अपनी आपबीती उसे सुनाई. इसके बाद उसका भाई उसे लेकर रांची के गोंदा थाना पहुंचा और थानेदार को पूरे मामले की जानकारी दी. गोंदा थानेदार अनिल द्विवेदी ने तुरंत अपने वरीय अधिकारियों से इस मामले को लेकर बातचीत की. इसके बाद रांची एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने गोंदा थाने में जीरो एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया. मंगलवार देर रात ही कल्पना की शिकायत पर उसके पिता धनु प्रसाद, मां रेखा देवी, बड़ी बहन नंदनी देवी और दलाल राजेश ठाकुर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. इस संबंध में रांची के एसएसपी कुलदीप द्विवेदी ने गया के एसएसपी से भी बातचीत की, जिसके बाद जीरो एफआईआर के आधार पर गया में भी मामला दर्ज किया जाएगा.

क्या है मामला

कल्पना (बदला हुआ नाम) ने बताया कि जब वह मात्र 13 साल की थी, तभी उसके मां-बाप ने हरियाणा में ले जाकर उसे बेच दिया. इसमें उसके गांव के रहने वाले दलाल राजेश ठाकुर का भी हाथ था. युवती का पहला खरीदार गगनदीप नामक शख्श था. कल्पना के अनुसार, गगनदीप ने उसे बच्चा पैदा करने के लिए खरीदा था. गगनदीप से उसे एक बेटा हुआ जिसके बाद वह कल्पना के साथ मारपीट करने लगा, जब गगनदीप का अत्याचार हद से ज्यादा बढ़ गया तो वह किसी तरह भाग कर अपने मायके चली आई. जबकि गगनदीप ने कल्पना के बेटे को अपने पास ही रख लिया.

माता-पिता ने फिर से बेच डाला (बॉक्स

गांव आने के बाद एक बार फिर उसके मां-बाप ने हरियाणा के ही एक व्यक्ति धर्म सिंह के हाथों उसे दोबारा 45 हजार रुपए में बेच डाला. धर्म सिंह ने उसे जबरदस्ती अपने घर में रखा और इस दौरान उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार कर दी. युवती के अनुसार, धर्म सिंह से भी उसे दो बेटियां हुई. बेटी होने के बाद ही धर्म सिंह उसके साथ मारपीट करने लगा, जिसके बाद वह फिर एक बार भागकर अपने मायके पहुंची और अपने मां-बाप से विनती की कि उसे यहीं रख लिया जाए. कुछ दिनों बाद उसने अपने मां बाप को हरियाणा के ही एक व्यक्ति से फोन पर बातचीत करते हुए सुन लिया. बातचीत में एक बार फिर कल्पना को बेचने की तैयारी थी. फोन पर पैसों की लेन-देन की बात की जा रही थी. इसके बाद वह रांची में रहने वाले अपने फुफेरे भाई के पास भागकर पहुंच गई.

पहले भी आ चुके हैं ऐसे केसेज

केस-1

नौकरी के बहाने गुजरात में दुराचार, फिर बेचने की कोशिश

30 जनवरी, 2017: नौकरी दिलाने के बहाने नाबालिग को रोहतक ले जाया गया, वहां आरोपियों ने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया फिर एक सेठ के यहां बेचने का प्लान किया. आरोपियों ने नाबालिग को खिड़वाली के युवक के हाथों बेच दिया था. सदर थाने में रामलाल, सुशीला, रांची के साहिल व सोम के खिलाफ दुराचार, अपहरण और पोक्सो एक्ट में केस दर्ज किया गया था.

केस-2

नानी में 5000 रुपए में बेच डाला

30 जनवरी, 2018: झारखंड की एक लड़की को चाइल्ड लाइन की सूचना पर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से मुक्त कराया था. वह पिछले कई दिनों से वहां बंधक थी. पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि उसकी नानी ने उसे महज पांच हजार रुपए में तस्कर सुरेंद्र से बेच डाला था. उसने दो साल तक कई घरों में काम करवाया. इस दौरान कई बार दुष्कर्म भी किया. बाद में किसी मिश्रा नामक युवक के हाथों 30 हजार में बेच दिया.

......कई अन्य मामले भी......

मुंहबोले दादा ने 30 हजार में पोती को बेचा

रांची में एक मुंहबोले दादा ने अपनी ही पोती को 30 हजार रुपए में बेच दिया. युवती को दिल्ली के शख्स से बेचा गया था, जिसने लड़की को बंधक बनाकर रखा था. युवती धुर्वा क्षेत्र की रहने वाली थी. उसके माता-पिता झुग्गी-झोपड़ी बनाकर रहते हैं. युवती के परिजनों ने बताया कि उसे उसके मुंहबोले दादा ने दिल्ली मे काम लगाने की बात कहकर 30 हजार रुपए मे बेच दिया था.

पिता ने छोटी बेटी को रांची में बेचा, दूसरी भागकर आई

जमशेदपुर के एक व्यक्ति ने अपनी दो नाबालिग बेटियों को रांची में बेच दिया था. मंत्री सरयू राय बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे तो नाबालिग ने बताया कि उसके पिता ने उसे रांची में बेच दिया है. अब उसकी बहन रांची में फंसी है. बाद में रांची पुलिस की मदद से दूसरी बच्ची को भी बरामद कर लिया गया

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जॉब दिलाने के बहाने किया अगवा, बेचने की थी तैयारी

दो साल पहले सुखदेवनगर थाना एरिया से एक युवक ने एक नाबालिग को नौकरी देने के नाम पर अगवा कर लिया था. पहले उसे प्रेम प्रसंग का पाठ पढ़ाया, फिर उसे लेकर उड़ गया. सुखदेवनगर थाना पुलिस ने उसे पटना से बरामद किया था. पीडि़त नाबालिग सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के कृष्णा नगर में किराए के मकान में रहती थी. उसे नौकरी देने के बहाने दूसरे प्रदेश में बेचने की योजना थी.

कोट

ऐसे लोगों को पुलिस समय-समय पर पकड़ती है और जेल भेजती है. पुलिस रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड आदि पर भी सिविल कपड़े में निगाह रख रही है, ताकि इस तरह की वारदात की को रोका जा सके.

-अमन कुमार, सिटी एसपी, रांची