-डीडीयू हॉस्पिटल में डेंगू की जांच के लिए लगी तीन एलाइजा टेस्ट रीडर मशीनों में से दो पांच साल से हैं खराब

-बनवाने के लिए नहीं उठाई जा रही है जहमत, विभागीय जांच में हुआ खुलासा

VARANASI

डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए तैयारियां पूरी करने का दावा तो स्वास्थ्य विभाग कर रहा है लेकिन हकीकत में ये दावा खोखला साबित हो रहा है. ऐसा हम नहीं, मलेरिया विभाग कह रहा है. एक तरफ जहां लगातार डेंगू के केस बढ़ रहे हैं. वहीं दूसरी ओर डेंगू की जांच करने वाली एलाइजा रीडर मशीनें दम तोड़ रही हैं. डीडीयू हॉस्पिटल के लैब में तीन एलाइजा टेस्ट रीडर मशीनें लगी हैं पर इनमें से दो खराब हो चुकी हैं. हॉस्पिटल प्रबंधन इन्हें बनवाने के लिए जहमत भी नहीं उठा रहा है. ऐसे में डेंगू का सही आंकड़ा और आने वाली रिपोर्ट पॉजिटिव है या निगेटिव, इसको भी लेकर संदेह ही बना हुआ है.

मेंटीनेंस के अभाव में हुई खराब

पिछले सप्ताह डीडीयू हॉस्पिटल में एलाइजा टेस्ट रीडर मशीनों की जांच करने पहुंचे मलेरिया अधिकारी ने बताया कि यहां लगी तीन एलाइजा रीडर मशीनों में से दो मशीनें पूरी तरह खराब हो चुकी हैं. सिर्फ एक मशीन ही वर्किंग में है. लेकिन इसका भी डिस्प्ले खराब हो चुका है. इससे यह कंफर्म करना मुश्किल है कि डेंगू का केस पॉजिटिव है या निगेटिव. उन्होंने बताया कि ये सभी मशीनें मेंटीनेंस के अभाव में खराब हुई हैं. लिहाजा अब ये मशीनें धूल फांक रही हैं. यही नहीं लैब में एसी तक नहीं है. उमस भरी गर्मी में सैंपल का टेस्ट किया जा रहा है.

उठाया सख्त कदम

डेंगू की रिपोर्ट को लेकर हो रही लापरवाही को रोकने के लिए जिला मलेरिया विभाग ने सख्त कदम उठाने की तैयारी की है. इसकी शिकायत सीएमओ से कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि डीडीयू हॉस्पिटल की सभी एलाइजा रीडर मशीनों को दुरुस्त कराने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा. वहीं इस हॉस्पिटल के लैब टेक्निशियन संतोष श्रीवास्तव की दलील है कि ऐसा नहीं है कि तीसरा एलाइजा रीडर मशीन भी खराब है. मशीन पुरानी हो जाने की वजह से डिस्प्ले वीक हो गया है. लेकिन रिपोर्ट सही आ रही है.

दो टेस्ट सेंटर बनारस में

बता दें कि बनारस में डेंगू की जांच के लिए एसएस हॉस्पिटल बीएचयू व डीडीयू हॉस्पिटल को सेंटर बनाया गया है. लेकिन अन्य सरकारी व प्राइवेट हॉस्पिटल में आने वाले डेंगू के ज्यादातर केस को जांच के लिए डीडीयू हॉस्पिटल में ही भेजा जाता है. कुछ हॉस्पिटल सैंपल भेजने के बजाए मरीज को ही डीडीयू में रेफर कर देते हैं. इससे यहां मरीजों की भीड़ ज्यादा बढ़ जाती है. इसकी वजह से यहां रिपोर्ट मिलने में दो दिन लग जाता है.

एक नजर

50

डेंगू के मरीजों की हो चुकी है पुष्टि जिले में

38

डेंगू के मरीज सिर्फ डीडीयू हॉस्पिटल के

350

से ज्यादा सस्पेक्टेड डेंगू के मरीज आ चुके हैं जिले में

05

लाख के करीब की आती है एलाइजा टेस्ट रीडर मशीन

वर्जन--

डीडीयू हॉस्पिटल में डेंगू के सबसे केस पहुंच रहे हैं. इसके बावजूद हॉस्पिटल प्रबंधन गंभीर नहीं है. यहां लगी एलाइजा रीडर मशीनों में से दो लंबे समय से खराब हैं. इन्हें बनवाया नहीं गया. इसकी शिकायत सीएमओ से की गई है.

सरत पांडेय, जिला मलेरिया अधिकारी