- गोरखपुर यूनिवर्सिटी ने सभी ठेकेदारों से मांगा हैसियत प्रमाण पत्र

- करीब दो दर्जन ठेकेदार हैं गोरखपुर यूनिवर्सिटी में रजिस्टर्ड

- आधा दर्जन से ज्यादा लोगों का कट सकता है पट्टा

GORAKHPUR: डीडीयू गोरखपुर यूनिवर्सिटी में ठेकेदारों की मुश्किलें इन दिनों बढ़ गई हैं. 'हैसियत' के पेंच में वह यूनिवर्सिटी का कोई ठेका नहीं ले पा रहे हैं. यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने जिम्मेदारों को सख्त हिदायत दी है कि सिर्फ उसे ही यूनिवर्सिटी के काम मिल सकेंगे, जो यूनिवर्सिटी में रजिस्टर्ड हैं और उन्होंने यूनिवर्सिटी में सभी डॉक्युमेंट्स अवेलबल करा रखे हैं. लेकिन डेढ़ दर्जन से ज्यादा रजिस्टर्ड ठेकेदारों में से करीब आधा दर्जन ठेकेदार ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक सभी कागजात मुहैया नहीं कराए हैं. यूनिवर्सिटी ऐसे सभी का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की तैयारी में है और उन्होंने इसके लिए डेडलाइन तय कर दी है.

20 का है यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रेशन

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में कंस्ट्रशन से लेकर सप्लाई तक करने वाले ठेकेदारों की तादाद 20 है. अभी तक यह ठेकेदार कागज पूरा किए बगैर ही काम कर रहे थे, लेकिन सभी व्यवस्था डिजिटलाइज होने और शासन की सख्ती के बाद यूनिवर्सिटी ने सभी डॉक्युमेंट्स पूरा करने वाले वेंडर्स से ही काम लेने का फैसला किया है. इसके तहत उन्होंने सभी को नोटिस जारी करते हुए कुछ समय दिया था, लेकिन अब तक करीब 11 ठेकेदारों ने अपना हैसियत प्रमाण पत्र यूनिवर्सिटी को मुहैया नहीं कराया है, जबकि बड़ी तादाद में ऐसे वेंडर्स हैं, जिनके कुछ डॉक्युमेंट्स अधूरे हैं. यूनिवर्सिटी ने सबको एक माह की मोहलत दी है, अगर वह इस दौरान काम के दस्तावेज पूरा नहीं करते हैं, तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा.

चल रहा है रिन्यूअल

गोरखपुर यूनिवर्सिटी में इन दिनों ठेकेदारों की रिन्यूअल प्रोसेस भी चल रही है. हर साल यूनिवर्सिटी इनका रिन्यूअल कराती है, लेकिन इस बार जिम्मेदारों ने सख्त शर्त रख दी है, जिसकी वजह से वेंडर्स की हवाइयां उड़ी हुई हैं. हैसियत प्रमाण पत्र न बन पाने की वजह से ठेकेदार बार-बार वक्त मांग रहे हैं, लेकिन हर बार वह सर्टिफिकेट जमा नहीं कर पा रहे हैं. हालत यह है कि अब करीब आधा दर्जन ऐसे वेंडर्स के रजिस्ट्रेशन पर संकट के बादल छा गए हैं.

वर्जन

इस बार सभी दस्तावेज जमा करने वाले वेंडर्स का ही रिन्यूअल होगा. पिछले कई बार से लोग हैसियत प्रमाण पत्र को खास तौर पर जमा नहीं कर रहे हैं, इस बार उन लोगों का बिना सर्टिफिकेट जमा किए रजिस्ट्रेशन नहीं होगा.

- बीरेंद्र चौबे, फाइनेंस ऑफिसर, डीडीयूजीयू