फायर ब्रिगेड परिसर में बने फायर वाटर टैंक में डूबने से हुई मौत

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ALLAHABAD: वीआईपी डयूटी पर आए टै्रफिक सिपाही विनोद यादव की संदिग्ध दशा में फायर वाटर टैंक में डूबने से मौत हो गई. बॉडी उतरायी मिली तो फायर स्टेशन पर हड़कम्प मच गया. सीओ सिविल लाइंस व थाने की पुलिस मौके ने फायरकर्मियों की मदद से बॉडी को बाहर निकलवाया.

आगरा से यहां भेजा गया था

आगरा जनपद के फतेहाबाद थाना क्षेत्र के शमशाबाद गांव के दिनेश चन्द्र किसानी करते हैं. उनके दो बेटों में विनोद यादव अलीगढ़ में ट्रैफिक विभाग में सिपाही के पद पर तैनात था. परिवार में मां बाप के अलावा पत्‍‌नी लक्ष्मी है. विनोद शुक्रवार को विभाग में तैनात रामहरिश यादव के साथ वीआईपी डयूटी पर आया था. वह शाम करीब सात बजे फायर बिग्रेड आफिस पहुंचा. इंट्री कराने के बाद वह परिसर स्थित टावर बैरक में चला गया. शनिवार को भोर में विनोद उठा और साथी सिपाही राम हरिश को जगाने के बाद सेविंग करने लगा, कुछ देर बाद शौचालय चला गया. काफी देर तक विनोद नहीं लौटा तो साथी ने खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका पता नहीं चला.

चप्पल देख मचा हड़कम्प

विनोद के गायब होने से फायर बिग्रेड अधिकारी व कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया. इसी बीच कुछ फायरकर्मियों की नजर फायर वाटर टैंक के किनारे विनोद के चप्पलों पर पड़ी. उन्होंने शोर मचाया तो मौके पर अन्य फायरकर्मी समेत सिविल लाइंस पुलिस पहुंची. राजेश यादव, आंनद मिश्रा व संजीव गौड़ ने टैंक में घुसकर काटा लगाया तो विनोद की लाश उसमें फंसकर बाहर आई. आशंका जतायी जा रही है कि वह स्नान के लिए उतरा होगा और यही कदम उसके लिए काल बन गया. पुलिस ने उसके बैग को कब्जे में लिया है.

टैंक के पास नहीं था सुरक्षा घेरा

विनोद यादव की मौत के पीछे फायर ब्रिगेड विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आयी है. परिसर में फायर कर्मियों के दर्जनों परिवार रहते हैं. उनके छोटे-छोटे बच्चे भी हैं. इसके बाद भी फायर वाटर टैंक के चारों तरफ सुरक्षा का कोई घेरा नहीं है. शायद यही वजह है कि विनोद को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा.

फिसले को निकलने का चांस नहीं

फायर वाटर टैंक में गंदगी का अंबार है. पूरे टैंक में काई जमी थी. यहां के लोगों की मानें तो यह गंदगी पिछले कई महीनों से है. न तो टैंक की सफाई होती है और न ही इस ओर किसी का ध्यान जाता है. समय-समय पर टैंक की सफाई होती रहती तो यहां आने जाने वालों को इस गहरे टैंक की जानकारी होती. स्थिति यह है कि एक बार कोई इसमें गिर जाये तो जिंदा निकलने का कोई चांस नहीं है.

लाश को टैंक से निकालकर पोस्मार्टम के लिए भेज दिया गया है. मामले की जांच की जा रही है. उच्चाधिकारियों के साथ ही मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दे गई है.

श्रीशचन्द्र,

सीओ सिविल लाइंस