केंद्र की योजनाओं के खिलाफ भाकियू अध्यक्ष का फूटा गुस्सा

कहा, सरकार साल से खोई हुई सरकार तो तलाशने जा रहे दिल्ली

MEERUT । मेरठ पहुंची किसान क्रांति यात्रा के दौरान केंद्र सरकार की योजनाओं के खिलाफ आक्रोश जाहिर करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने सरकार की योजनाओं और किसानों के लिए योजनाओं के लाभ को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य का भुगतान और कर्जा माफी का लाभ केवल जुमलों में दिया जा रहा है। नरेश टिकैत से बातचीत के कुछ खास अंश।

किसान इलाज करेगा

भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि साढ़े चार वर्षो से केंद्र सरकार लापता है। हम इस क्रांति यात्रा के माध्यम से केंद्र सरकार को ढूंढने दिल्ली जा रहे हैं। लीबिया के तानाशाह गद्दाफी की तरह सरकार शासन कर रही है। जीएसटी, नोटबंदी, बिजली की दरों और डीजल-पेट्रोल के दाम में वृद्धि कर जनता पर थोपा जा रहा है। इस सरकार को किसानों से मोह नहीं है, जिन मुद्दों को लेकर भाजपा ने केंद्र और प्रदेश में सरकार बनाई वह उनसे भटक गई है।

फिल्म अभी बाकि है

गन्ने के 15 दिनों में भुगतान कराने वाली योगी सरकार ने अभी तक किसी भी चीनी मिल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। जबकि मंडल के किसानों का 600 करोड़ से अधिक बकाया है। किसानों से सलाह-मशवरा किए बिना उन पर कानून मढ़ दिए जाते हैं। 2 अक्टूबर को शांति प्रिय ढंग से किसान घाट पर यात्रा का समापन किया जाएगा। अभी तो किसान क्रांति यात्रा ट्रेलर है फिल्म अभी बाकी है।

ट्रेक्टर तोड़कर दिखाएं

नरेश टिकैत ने 10 साल पुराने ट्रैक्टरों के संचालन रोकने के एनजीटी के आदेश को चैलेंज देते हुए कि यदि सरकार में हिम्मत है तो सरकार तोड़कर दिखाई किसानों के 10 साल पुराने ट्रैक्टर। हम दिल्ली जा रहे हैें ट्रेक्टर लेकर वहीं पार्लियामेंट को इन्हीं टैक्टर से घेरेंगे और देखेंगे ये एनजीटी कोर्ट कहां और क्या करती है।

15 अक्टूबर से चलेंगी शुगर मिल

नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार चाहे न चाहे किसानों ने ऐलान कर दिया है कि 15 अक्टूबर से गन्ना मिल चलेंगी और किसानों का भुगतान भी होगा। यदि मिल ना चली तो किसान अपना गन्ना लेकर डीएम कमिश्नर के घर पहुंच जाएंगे।

स्वामीनाथन की रिपोर्ट हो लागू

नरेश टिकैत ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट प्रदेश ही नहीं देश में लागू हो। किसानों को उसकी फसल का वाजिब दाम मिले इसलिए सरकार को हमारी मांगे माननी होंगी।

इन मांगों को पूरा करे सरकार

- पेराई सत्र 2018-19 में गन्ने का मूल्य 450 रुपये हो।

- नलकूप और घरेलू बिजली किसानों के लिए मुफ्त हो

- उर्वरक के मूल्य कम हों, किसानों का कर्ज पूर्ण रूप से माफ किया जाए

- मंडी शुल्क खत्म हो और 10 वर्ष पुराने टै्रक्टर पर लगी पाबंदी हटे