AGRA: दिल्ली से आगरा घूमने आए एक पर्यटक का थाना ताजगंज स्थित एक होटल में शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने किसी तरह दरवाजा खोल कर शव पोस्टमार्टम को भेजा गया। परिजनों ने सुसाइड के पीछे रहे कारणों पर चुप्पी साध रखी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

9 मई को निकले थे घर से
दिल्ली के शकरपुर में रहने वाले 48 वर्षीय महेशानंद शर्मा की परचूनी की दुकान है। पुलिस के मुताबिक 9 मई को वह बिना कुछ बताए घर से निकल गए थे। एक दिन बीत जाने पर भी घर वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इधर महेश दिल्ली से एक ट्रेवल एजेंसी की गाड़ी लेकर घूमने निकल गए। उनके साथ ड्राइवर सुनील निवासी जौनपुर था। महेशानंद उसे लेकर नैनीताल, ऋषिकेश गए।

ड्राइवर का हिसाब किया था
परचूनी दुकान संचालक अपनी आईडी लेकर नहीं निकले थे, जिसके चलते वो जहां भी गए, वहां पर कार में समय बिताना पड़ा। महेशानंद ने ड्राइवर सुनील को 2000 हजार रुपये दिए। इसके अलावा 500 रुपये नाइट चार्ज भी दिया। इसके बाद उन्होंने ड्राइवर को जाने को बोल दिया, लेकिन ड्राइवर रुक गया। उसने बोला कि रात को वह कहां जायेंगे। 12 मई को दोनों आगरा आ गए।

चालक की आईडी कराई जमा
यहां पर ताजगंज के द जलसा होटल में दोनों रुके। यहां पर ड्राइवर ने अपनी आईडी पर कमरा लिया था। दोनों रूम नंबर 223 में ठहरे। रात में महेशानंद ने ड्राइवर को बोला कि उन्हें बिना एसी का कमरा चाहिए। इसके बाद उन्होंने कमरा नंबर 216 ले लिया। सोमवार की सुबह ड्राइवर उठा तो रूम नंबर 216 पर गया। दरवाजा खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला।

शव अंदर लटका मिला
दरवाजा न खुलने पर स्टाफ को सूचना दी। इसके बाद कंट्रोल रूम फोन किया गया। पुलिस ने किसी तरह दरवाजा खोला तो बाथरूम में महेश का शव अंगोछे के सहारे फंदे पर लटका था। शव लटका देख कर सभी के होश उड़ गए। मृतक के पास से पुलिस को 45 हजार रुपये और मोबाइल मिला। मोबाइल बंद था। पुलिस ने सिम दूसरे मोबाइल में डाल कर परिजनों को सूचना दी।

आत्महत्या का कारण पता नहीं चला
पुलिस के मुताबिक आत्महत्या के पीछे रहे कारणों का पता नहीं चल सका है। मौके पर किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला। परिजनों ने भी सुसाइड के पीछे कोई कारण नहीं बताया है। ड्राइवर को परचूनी दुकान संचालक ने नाम सुरेश बताया था। कार मनोज कुमार के नाम से बुक कराई थी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह उनकी तलाश कर रहे थे। मृतक के दो बेटे हैं।