लार्वा की चेकिंग के दौरान अब तक 110 नोटिस किए जारी

लार्वा चेकिंग व फागिंग में तेजी, विभाग ने शुरू की तैयारी

>Meerut. वैक्टर बार्न डिजीज ने शहर को अपनी जद में लेना शुरु कर दिया है. शहर के गली-मोहल्लों से लेकर घर होटल, प्राइवेट संस्थान, सरकारी विभागों तक में डेंगू के मच्छर का डंक पनप रहा है. स्थिति यह है कि पूरा शहर बीमारियों के ढेर पर बैठा है. जिला मलेरिया विभाग की ओर से हुई लार्वा चेकिंग के दौरान मिले लार्वा से इस बात का खुलासा हुआ है. वहीं चेकिंग रिपोर्ट के अनुसार अब तक विभाग 100 से ज्यादा जगहों पर नोटिस थमा चुका है. वहीं सोमवार को मेडिकल कॉलेज में डेंगू के मरीज की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया है. विभाग ने इससे निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है.

यह है स्थिति

बारिश का मौसम शुरु होते ही मच्छर जनित रोगों का खतरा तेजी से पैदा हो जाता है. पिछले साल मिले डेंगू के कई केसों को देखते हुए इस बार जिला मलेरिया विभाग ने पहले से ही तैयारियां शुरु कर दी थी. जिसके तहत विभाग की ओर से 10 टीमें बनाकर लगातार लार्वा चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. स्थिति यह है कि कई जगहों पर विभाग को जहां गमलों, कूलर, बाल्टियों व पानी की टंकियों मे लार्वा मिला वहीं सरकारी विभागों के कूलर व अन्य जगहों पर लार्वा मिला. 250 से अधिक जगहों पर हुई चेकिंग के दौरान विभाग की ओर से से अब तक 110 जगहों पर लार्वा मिलने पर नोटिस थमाया गया है. इसके अलावा 70 से 80 जगहों पर फॉगिंग भी कराई गई है. 2 से 4 दिन में लार्वा मच्छर बनकर डेंगू का खतरा पैदा करता है.

अस्पतालों को अलर्ट जारी

सोमवार को मिले डेंगू के केस के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी सरकारी अस्पताल, प्राइमरी हेल्थ पोस्ट और कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर पर अलर्ट जारी कर दिया है. इसके तहत जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाने के निर्देश जारी किए गए हैं, वहीं दवाइयों के साथ ही डॉक्टर्स की उपलब्धता को लेकर भी अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा विभाग की ओर से डेंगू, चिकिनगुनिया जैसे बुखार व स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए दवाइयां और मास्क की डिमांड भी भेज दी है. वहीं देहात क्षेत्रों में आशा और एएनएम के जरिए कई जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों का इन बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है.

प्राइवेट पैथालॉजी को निर्देश

स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी प्राइवेट पैथॉलोजी लैब को भी निर्देश जारी कर दिए हैं. इस बार प्राइवेट लैब में डेंगू पॉजिटिव मिलने के बाद उसका एक सैंपल मेडिकल कॉलेज की लैब में भेजा जाएगा. वही इन लैब्स को विभाग को भी पूरी जानकारी देनी होगी ताकि मरीज के घर व आस-पास के इलाकों में फॉगिंग कराई जा सके .

ये है स्थिति

660 केस पिछले साल डेंगू के मिले थे.

153 करीब जगहों पर लार्वा के लिए नोटिस दिया गया था.

40 लाख के बजट की फॉगिंग व कीटनाशक दवाइयों के लिए मलेरिया विभाग ने की डिमांड

8 से 10 लाख रूपये का बजट मलेरिया विभाग को मिलता है हर साल

डेंगू के लक्षण

डेंगू संक्रमित को बुखार 102 से 105 डिग्री तक रहता है.

बुखार के साथ तेज सिरदर्द, आंखों के आसपास, शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द होना.

शरीर पर चकत्ते बनना, आंतों और मसूड़ों से रक्तस्त्राव होना.

प्लेटलेट में तेजी से कमी आना.

ये सावधानी बरतें

घर और आसपास पानी जमा नहीं होने दें. साफ पानी में डेंगू का मच्छर पनपता है.

हफ्ते में एक दिन कूलर व जहां साफ पानी इकट्ठा होता है, उसे धूप में सुखाएं

गमलों में पानी इकट्ठा न होने दे .

डेंगू से बचाव के लिए पैराथ्रम दवाई को केरोसिन में मिलाकर छिड़काव करें.

मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें, शरीर को ढंककर रखें और नीम की पत्ती जलाकर धुआं करें.

साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें.

बीमारियों से बचाव के लिए हम काफी तैयारी कर रहे हैं. अस्पतालों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. लोगों से अपील है कि वह भी आगे बढ़कर विभाग का सहयोग करें और साफ-सफाई का ध्यान रखें.

डॉ. राजकुमार, सीएमओ, मेरठ

बारिश के मौसम में फैली गंदगी और जलभराव से संक्रमित बीमारियां फैलने का खतरा बहुत ज्यादा बन गया है.

आश्ाीष शर्मा

गंदगी किसी से छिपी नहीं है. जिस कारण मच्छरों की संख्या बढ़ रही है. लोगों को खुद भी साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए.

ममता मित्तल

गंदगी वाले क्षेत्रों में विभाग को लगातार दवाइयों का छिड़काव करना चाहिए. लगातार जागरूकता कार्यक्रम भी चलाना चाहिए.

देवेंद्र