-डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए जिला मलेरिया विभाग सरकारी डॉक्टर्स को देगा ट्रेनिंग

-ट्रेनिंग के बाद चिकित्सक लोगों को करेंगे जागरुक

डेंगू मलेरिया के रोकथाम के लिए डॉक्टर्स की मदद तो ली जाएगी लेकिन इससे पहले उन्हे डेंगू के रोकथाम का पाठ पढ़ाया जाएगा. चौंकिए नहीं ये सच है. जिला मलेरिया विभाग ने डेंगू मलेरिया रोकथाम के लिए सरकारी डॉक्टर्स को ट्रेंड करने का फैसला लिया है. इस योजना के तहत विभाग चिकित्सकों को डेंगू से होने वाली समस्याओं और रोकथाम की पूरी जानकारी देने जा रहा है.

दो घंटे चलेगी क्लास

डेंगू-मलेरिया से बचाव व उसके

रोकथाम को लेकर चल रहे अभियान को सफल बनाने के लिए डिपार्टमेंट कोई कसर छोड़ना नहीं चाहता है. यही वजह है कि अब इस अभियान में चिकित्सकों को भी जोड़ा जा रहा है. इसके लिए आगामी 20 अगस्त को विभाग की ओर से कार्यशाला आयोजित की जा रही है. जिसमें चिकित्सकों का 2 घंटे का क्लास चलेगा. इस दौरान उन्हे डेंगू मलेरिया से जुड़े हर पहलु की जानकारी दी जाएगी.

50 डॉक्टर को दी जाएगी ट्रेनिंग

अधिकारियों ने बताया कि कार्यशाला में बनारस के हर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर एवं सभी सरकारी हॉस्पिटल से दो-दो डॉक्टर को शमिल किया जाएगा. ट्रेनिंग लेने के बाद ये सभी डॉक्टर अपने ओपीडी व सेंटर पर आने वाले मरीजों को डेंगू-मलेरिया से होने वाले रोकथाम की जानकारी देने के साथ उन्हें इससे होने वाले बीमारियों के प्रति जागरुक करेंगे. अधिकारियों की मानें तो डॉक्टर्स को ट्रेनिंग को देने के बाद जिले में कार्यरत हेल्थ वर्कर, आशा वर्कर, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को डेंगू-मलेरिया जागरुकता का पाठ पढ़ाया जाएगा. हालांकि इससे के लिए अभी डेट फाइनल नहीं हुआ है. लेकिन इसको लेकर प्लान तैयार किया जा रहा है.

मानसून में बढ़ जाता है खतरा

मानसून में डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है. सिटी में काफी स्लम एरिया है, जहां इसके बढ़ने का खतरा ज्यादा है. इसके अलावा कई क्षेत्रों में बारिश के पानी निकासी की सही व्यवस्था नहीं है, इससे इस पानी में आसानी से डेंगू-मलेरिया का मच्छर फैल सकता है. डेंगू-मलेरिया के मामले में सिटी के कई एरिया को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है. लिहाजा मलेरिया विभाग इस बीमारी को ज्यादा पैर पसारने से पहले ही रोकने की कवायद कर रहा है.

मलेरिया विभाग के पास उतना मैन पावर नहीं जो हर किसी को जागरुक कर सकें. इसलिए विभाग ने डॉक्टर्स के माध्यम से जागरुकता फैलाने का फैसला लिया है. इसके लिए उन्हें ट्रेंड किया जाएगा.

शरत पांडेय, जिला मलेरिया अधिकारी

एक नजर

20

अगस्त को आयोजित होगी वर्कशाप

2

घंटे होगी ट्रेनिंग

50

डॉक्टर होंगे शामिल

2

डॉक्टर होंगे हर पीएससी, सीएचसी व हॉस्पिटल से.