BAREILLY:

देवरिया कांड के बाद अब सरकार के कान खडे़ हो गए है. सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने कस्तूरबा स्कूलों को लेकर अब सुरक्षा बढा दी है. उनका कहना है कि कस्तूरबा स्कूल की किसी भी छात्रा की सुरक्षा में कोई खामी नहीं आनी चाहिए. जिसके लिए सभी जिले के बीएसए को परियोजना निदेशक ने स्कूलों में सुरक्षा बढ़ाने के आदेश जारी किए है. उस आदेश का पालन ना करने वालों स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश भी दिए है.

इन बिंदुओं पर होगी कार्रवाई

परियोजना निदेशक ने सुरक्षा को लेकर कई प्वाइंट दिए है. जो भी स्कूल उन प्वाइंट पर अमल नहीं करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

-सुबह 8 बजे से पहले और शाम 5 बजे के बाद कस्तूरबा परिसर में महिला स्टाफ के अलावा कोई भी दिखाई नहीं देगा. वहीं पूरे स्टाफ की आने जाने का समय भी रजिस्टर में मेनटेन होना चाहिए, उसी के बाद किसी को एंट्री दी जाए.

-पूरे स्टाफ को बीएसए के हस्ताक्षर किया हुआ एक आईडी कार्ड पहने हुए होना चाहिए. वहीं दूसरी ओर छात्राओं को भी गले में आईडी कार्ड डालना होगा.

-हर छात्रा का एक प्रोफाइल होगा जिसमें उनके पेरेंट्स के सिग्नेचर होंगे. जिससे छात्रा पेरेंट्स के साथ ही बाहर जा सके. अगर कोई भी छात्रा बिना पेरेंट्स के बाहर जाती है तो उसकी जिम्मेदारी वार्डन की होगी.

-सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरों का काम करना जरूरी है साथ ही परियोजना अधिकारी ने कहा कि बीएसए को महीने में एक बार जिला समन्वयक को दो बार, खंड शिक्षा अधिकारी को महीने में 4 बार कस्तूरबा स्कूलों का निरीक्षण करना अनिवार्य है.

-सुरक्षा के लिए रात में महिला होमगार्ड की भी व्यावस्था होनी चाहिए.

इसी तरह के कई सारे प्वाइंट पर राज्य परियोजना अधिकारी ने आदेश दिए है.