तीन हजार करोड़ से सुधरेगी जनपद की विद्युत व्यवस्था

मार्च के अंत तक विभाग ने किया विद्युत आपूर्ति सुधारने का दावा

MEERUT। विद्युत विभाग की मानें इस साल से गर्मियों में जनपद के लोगों को बिजली कटौती की समस्या से नही जूझना पडे़गा। गत वर्ष से लगातार अपनी सप्लाई को सुधारने में जुटे पीवीवीएनएल भले ही जनपद को नो ट्रिपिंग जोन में शामिल न कर सका हो लेकिन नए बिजली घरों के निर्माण और लाइनों की क्षमता वृद्धि कर काफी हद तक बिजली कटौती को कम किया है। अब लगातार बढ़ती विद्युत की डिमांड के चलते करीब 3 हजार करोड़ की योजनाओं से पीवीवीएनएल जोन को रोशन करने की कवायद में जुटा हुआ है।

फैक्ट्स

करीब 3 हजार करोड़ की ट्रांसमिशन योजना।

31 मार्च तक लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा होने की संभावना।

पीपीपी मॉडल पर जोन में 4 बडे़ ट्रांसमिशन होंगे शुरू।

4 ट्रांसमिशन में 765 केवी के 2 और 400 केवी के 2 ट्रांसमिशन शामिल।

इनसे अलग 220 केवी और 132 केवी के 8 उपकेंद्रों का निर्माण जारी।

4 हजार केवी के 13 सब स्टेशनों हो रहा निर्माण।

13 सब स्टेशन बनने के बाद करीब 3500 एमवीए पावर सप्लाई में होगा इजाफा।

13 सब स्टेशनों से विद्युत सप्लाई करीब 20 हजार एमवीए हो जाएगी।

सप्लाई अभी 16500 एमवीए तक सीमित है।

योजना के तहत जागृति विहार एक्सटेंशन में 220 केवी का सब स्टेशन हुआ चालू।

ट्रांसमिशन विभाग द्वारा लगातार नए पावर हाउस निर्माण और लाइनों की क्षमता वृद्धि कर विद्युत सप्लाई सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। मार्च अंत तक अधिकतर पावर हाउस अपडेट हो जाएंगे। इससे ट्रिपिंग की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।

संजीव राणा, एसई