निगम ने गौशाला में शुरू किया पशुओं की टैगिंग का कार्य

टैग में होगी पशु से संबंधित सारी जानकारी

पालतु पशु के बार-बार पकड़े जाने पर मालिक से वसूला जाएगा जुर्माना

MEERUT। मतदान के दौरान दो माह की सुस्ती के बाद एक बार फिर मुख्यालय की फटकार के बाद नगर निगम को शहर की सड़कों पर निराश्रित घूम रहे आवारा पशुओं की याद आई है। इस बार निगम आवारा पशुओं को न सिर्फ पकड़ने बल्कि उनकी टैगिंग करके आश्रय देने की मुहिम में जुट गया है।

टैंगिग से होगी पशु की पहचान

निराश्रित पशुओं को लेकर शहर के लोगों की तरफ से लगातार शिकायतों का संज्ञान लेते हुए निगम ने अब निराश्रित पशुओं, गायों और सांड आदि की टैगिंग शुरू कर दी है। इस टैगिंग से पता चलेगा कि पशु पालतू है और किसका है और निराश्रित समेत सारी जानकारी मिल सकेगी। पशु पकड़े जाने पर यदि उसका मालिक आ जाता है तो उसको पशु टैग समेत सुपुर्द कर दिया जाएगा। बाकि पशुओं की टैगिंग कर उन्हें गोशाला भेजा जाएगा।

टैगिंग से वसूला जाएगा जुर्माना

नगर निगम विधेयक 1976 की धारा 344 के अनुसार निगम को अधिकार है कि बार-बार पालतू पशु के पकड़े जाने पर उसके मालिक से जुर्माना वसूला जा सके। यदि टैगिंग होने के बाद भी पालतु पशु बार-बार पकड़ा जाता है तो मालिक से नियमों के तहत जुर्माना वसूला जाएगा। यानी जितने दिन पशु निगम के पास रहता है, उस पर होने वाले रख-रखाव के खर्चे को मालिक से वसूला जाएगा।

निराश्रित पशुओं की गिनती और रिकार्ड के लिए टैगिंग की जा रही है। जो पालतू पशु टैगिंग के बाद भी सड़कों पर घूमते मिलेंगे उनके मालिक से जुर्माना वसूला जाएगा।

गजेंद्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी