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LUCKNOW : देवरिया देह व्यापार संबंधित मामले में गुरुवार को 22 बच्चों का 164 का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया गया। ध्यान रहे कि बाल गृह बालिका से देह व्यापार संबंधित मामले का पर्दाफाश करने के साथ ही पुलिस ने 23 महिलाओं व बच्चों को रविवार की रात मुक्त कराया था। इसमें से दो किशोरों समेत 22 का 164 का बयान दर्ज करने के लिए विवेचक ने न्यायालय में अर्जी थी थी। बुधवार को एक किशोर व आठ लड़कियों का बयान न्यायालय में दर्ज हुआ था। जबकि गुरुवार को एक लड़का व 12 लड़कियों का बारी-बारी से जज ने खुद बयान दर्ज किया। विवेचक विजय कुमार गौर ने न्यायालय से बयान देखने की सिफारिश की, जिस पर न्यायिक अधिकारी ने शुक्रवार को बंद लिफाफा न्यायालय की देख-रेख में में खोलने की बात कही।

एनसीसीपीआर पहुंचा देवरिया
वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने देवरिया बाल गृह बालिका कांड प्रकरण को गंभीरता से लिया है। गुरुवार को एनसीपीसीआर के सदस्य डॉ. आरजी आनंद, एडवाइजरी कमेटी की सदस्य गौरीशंकर व राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. प्रीति वर्मा ने पूरे प्रकरण की जांच की। सदस्यों ने कहा कि राजकीय बाल गृह में रखे गए बाल गृह बालिका के बच्चे प्रसन्न व सुरक्षित मिले हैं। जिला प्रशासन अच्छा कार्य कर रहा है। वह अपनी जांच रिपोर्ट आयोग को देंगे।

बालिका गृह कांड की सीबीआइ जांच शुरू

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