तीन साल से विकास की बाट जोह रही जनता

सत्ता बदलते ही बदल जाती है जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी

आगरा. नेताओं की कुर्सी की लालसा में जनता के करीब 28 करोड़ के अरमान पिस गए हैं. अविश्वास और अध्यक्ष व एएमए के अहम के टकराव में जनपद में विकास कार्यो पर बे्रक लगा हुआ है. इसके पीछे एक नहीं कई कारण हैं. जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है, लेकिन अब प्रबल प्रताप के जिला पंचायत अध्यक्ष बन जाने के बाद कुछ विकास कार्यो की उम्मीद लगाई जा सकती है.

भाजपा सरकार में नहीं हुए कार्य

प्रदेश में भाजपा की सरकार को आए एक साल से अधिक समय हो गया है. इस दौरान जिला पंचायत से होने वाले कार्य नहीं हो सके. इसके पीछे प्रमुख कारण है. अविश्वास प्रस्ताव लाया जाना. सपा शासन में जिला पंचायत के चुनाव हुए थे. उस दौरान सपा की कुशल यादव जिला पंचायत अध्यक्ष हुई थीं. विकास कार्यो का खाका तैयार ही हुआ था, कुछ कार्य भी हुए थे. विकास कार्य गति पकड़ते इससे पहले सत्ता परिर्वतन परिर्वतन होने के बाद भाजपा के प्रबल प्रताप के नेतृत्व में कुशल यादव के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया गया. यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग ने चुनाव की तिथि निहित कर दी. हाल में प्रबल प्रताप के आगे किसी ने नामांकन नहीं किया. उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष चुन लिया गया.

आपसी लड़ाई में नहीं हो सके थे कार्य

प्रबल प्रताप और कुशल यादव ने पहले गणेश यादव जिला पंचायत अध्यक्ष थे. गणेश यादव और एएमए के बीच झगड़ा रहा. दोनों में बिल्कुल भी नहीं पटरी खाती थी. दोनों ही सपा के थे. एएमए सरकारी नुमाइंदे होने के बावजूद वे सपा की राजनीति करते थे. सपा में उनकी भी गहरी जडे़ थीं, जिसके कारण वे जिला पंचायत अध्यक्ष का एक भी कार्य नहीं होने दिया गया. दोनों की लड़ाई में जनपद में कोई भी विकास कार्य नहीं हो सके थे. जिला पंचायत में भारी भरक बजट होने के बावजूद भी विकास कार्य नहीं हो सके हैं.

आखिर जनता का क्या कसूर

नेताओं के अहम और पद की लालसा के चलते नुकसान तो जनता का ही. इसमें जनता का क्या कसूर हैं. करोड़ का बजट होने के बावजूद भी केवल टकराव के कारण खर्च नहीं हो सका है.

वर्ष 2016-17 में था 28 करोड़ का बजट

कुशल यादव के समय पर करीब 28 करोड़ का बजट था, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव के चलते यह बजट खर्च नहीं हो सका. इसके बाद बजट आना था, लेकिन अभी तक यह बजट भी खर्च नहीं हो सका है तो डिमांड कैसे भेजी जाए. इससे निश्चित तौर पर जनता ही पिस रही है.