- प्रशासन को दिया दो दिन का अल्टीमेटम

- कलक्ट्रेट और तहसील स्तर पर किया प्रदर्शन

आगरा. राष्ट्रीय धनगर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी धनगर ने ऐलान किया है कि अगर उनके समाज को प्रमाण पत्र जारी नहीं किए तो लोकसभा चुनाव में वो वोट नहीं देंगे. मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेश होने के बाद भी अधिकारी प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहे हैं, तो सवाल उठना लाजमी है. आदेश के बावजूद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं, आखिर क्यों. इसके पीछे हकीकत क्या है?

चकमा देखकर भागे तहसीलदार

धनगर समाज के सैकड़ों लोग अध्यक्ष जेपी धनगर के नेतृत्व में तहसील किरावली का घेराव करने के लिए पहुंचे. धनगर समाज के लोगों ने तहसीलदार से प्रमाण पत्रों के विषय में वार्ता करनी चाही तो वे चकमा देकर निकल गए. किसी अधिकारी के तहसील में मौजूद न होने के कारण धनगर समाज के लोगों ने तीन घंटे तक इंतजार किया. एसडीएम किरावली गरिमा सिंह आगरा से मीटिंग खत्म करने के बाद तहसील पहुंची. उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात सुनीं. इसके बाद पांच लोगों को वे अपनी ऑफिस लेकर गई. इसके बाद उन्हें ज्ञापन सौंपा गया.

दो दिन का दिया अल्टीमेटम

धनगर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी धनगर ने चेतावनी दी है कि अगर दो दिन के अंदर प्रमाण पत्र जारी करना शुरू नहीं किया तो बडे़ स्तर पर धनगर समाज आंदोलन करेगा. ईट से ईट बजा दी जाएगी.

लम्बे समय से करते आ रहे हैं संघर्ष

जेपी धनगर ने कहा कि प्रमाण पत्र की मांग को लेकर वर्ष 1994 से लड़ते आ रहे हैं. सर्वे से लेकर जांच हुई. इसके बाद यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश में धनगड़ जाति नहीं पाई जाति है, धनगर पाई जाती है. सब कुछ स्पष्ट हो चुका है. बावजूद इसके अधिकारी प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहे हैं. इसकी कीमत चुकानी होगी.

कलक्ट्रेट में दिया ज्ञापन

कलक्ट्रेट में नरेंद्र धनगर के नेतृत्व में धनगर समाज के लोगों ने ज्ञापन सौंपा. इसके बाद वे किरावली भी पहुंचे. वहां पर भी धनगर समाज के प्रदर्शन में शामिल हुए.

ये थे मौजूद

कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष चंद्रपाल धनगर ने की. इस मौके पर विशेष रूप से पार्षद शिरोमणि सिंह, हाकिम सिंह धनगर, नरेंद्र धनगर, सुंदर सिंह, रमेश, मुरारी, रूपेंद्र, संतोष धनगर आदि मौजूद थे.