दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट द्वारा आयोजित पैनल डिस्कशन में शहरवासियों ने की शिरकत

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर शहरवासियों ने रखी राय

Meerut. पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दाम से आम जनता बहुत परेशान है. हर किसी की जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर क्रूड ऑयल के दाम कम होने के बाद भी पेट्रोल- डीजल के दाम क्यों बढ़ाए जा रहे हैं. सरकार को जनता की यह परेशानी दिखाई नहीं दे रही या सरकार जनता की इस परेशानी को परेशानी ही नहीं मान रही है. पेट्रोल-डीजल ने हर घर का बजट बिगाड़कर रख दिया है. रविवार को दैनिक जागरण आई नेक्स्ट के पैनल डिस्कशन में आए लोगों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार हो रही बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार पर जमकर नाराजगी जताई और सरकार से दाम कम करने के लिए योजना बनाने की मांग की.

जब अंतराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल का दाम कम है तो पेट्रोल-डीजल क्यों महंगा हो रहा है. दूसरे देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम भारत के मुकाबले आधे से भी कम हैं. ऐसे में जनता को जबरन टैक्स के बोझ के तले दबाकर शोषण किया जा रहा है.

कपिल गुप्ता, अधिवक्ता

क्रूड ऑयल का रेट कम होने के बाद भी कमीशन के लालच में दाम कम नहीं होते हैं. पंप मालिक अमीर हो रहे हैं और आमजन की जेब पर लगातार डकैती डाली जा रही है.

कल्पना पांडेय, समाज सेविका

डीजल के दाम देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े हुए है. यह देश की अर्थ व्यवस्था समेत घरों के बजट को प्रभावित करता है. आज ट्रांसपोर्टर सड़क पर आ चुका है. सब चीजों के दाम बढ़ने लगे हैं. गन्ने के जूस तक पर डीजल के दाम का प्रभाव पड़ रहा है.

अजित शर्मा, व्यापारी

पेट्रोलियम पर जीएसटी क्यों नही लगाई जा रही है. कम से कम पूरे देश में एक दाम पर पेट्रोल व डीजल मिलना चाहिए. आज गोवा में सबसे कम दाम है तो दिल्ली में सबसे अधिक दाम पर पेट्रोल बिक रहा है ऐसी असमानता खत्म होनी चाहिए.

मनोज भारद्वाज

सरकार केवल अपना राजकोष भर रही है. इसलिए जनता को ही अपनी बचत के लिए कुछ करना होगा और वह है पूलिंग. शहर के जाम और प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए कार व बाइक पूलिंग आज की जरुरत है और इससे अपने बजट को भी मेंटेन रखा जा सकता है.

अरविंद सिंघल, व्यापारी नेता

पेट्रोल-डीजल के लगातार बढ़ते दाम से आमजन की रसोई का बजट बिगड़ चुका है और लघु उद्योग बंदी के कागार पर आ चुके हैं. आम जनता की चुप्पी का सरकार फायदा उठा रही है इसलिए मनमाने तरीके से दाम बढ़ रहे हैं. जल्द ही एक बढ़ा जनांदोलन होगा.

अनस चौधरी, समाजसेवी

आज भ्रष्टाचार चरम है और ईमानदारी की आड़ में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है. पहले की सरकारों में सुविधा शुल्क देकर काम हो जाया करता था लेकिन अब सुविधा शुल्क देने के बाद भी मानकों के नाम पर शोषण किया जाता है. इसलिए जरुरी है जब तक हम विरोध नहीं करेंगे बदलाव नहीं आएगा.

भूपेंद्र शर्मा, कारोबारी नेता

पेट्रोल रेट बढ़ने से पहले ही स्टॉक होल्ड कर दिया जाता है फिर अगले दिन बढ़े हुए दाम में डीजल-पेट्रोल बेचा जाता है. कम से कम स्टॉक की डिटेल का डिस्प्ले तो होना ही चाहिए.

नरेंद्र जैन, व्यापारी नेता

डीजल के दाम से ट्रांसपोर्टर की कमर टूट चुकी है. माल लाने ले जाने का भाड़ा वही है लेकिन डीजल की मार से व्यवसाय चौपट हो चुका है.

नरेंद्र सैनी, व्यापारी

सरकार को पेट्रोल डीजल के दाम कम करने चाहिए, क्योंकि इससे महंगाई में इजाफा हो रहा है.

राहुल शर्मा, समाजसेवी