क्कन्ञ्जहृन्: कॉमन सर्विस सेंटर से डिजिटल क्रांति लाने की तैयारी है. सरकार 5200 कॉमन सर्विस सेंटर को भारत ब्राडबैंड से जोड़कर डिजिटल दुनिया बनाने की तैयारी कर रही है. अगले दो वर्ष में इस योजना पर 43.68 करोड़ की लागत से डिजिटल का बड़ा प्लान है. हर कॉमन सर्विस सेन्टर को हर माह 3,000 संचालन व्यय व 500 बिजली मद में दिया जाएगा. राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के उपकरणों की सुरक्षा का दायित्व कॉमन सर्विस सेन्टर ई-गर्वनेंस सर्विस इंडिया लि. का होगा.

सेंटर में मिलेगी डिजिटल सेवा

मंगलवार को डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने बताया कि केन्द्र सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत बिहार की 5200 पंचायतों में भारत ब्राडबैंड द्वारा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का काम पूरा कर हो गया है. डिप्टी सीएम ने कहा कि पहले चरण में 5200 पंचायतों के कॉमन सर्विस सेन्टर के जरिए ग्रामीणों को तमाम तरह की सरकारी योजनाओं व लोक सेवाओं का लाभ दिया जाएगा. सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों को आधार से जोड़ने, आधार कार्ड की प्रिंटिंग, कोषागार से भुगतान, वाहन चालान जमा करने, राशन कार्ड, बिजली-पानी, सिवरेज के कनेक्शन, शिक्षा व नौकरियों के लिए आवेदन आदि देने की सुविधा इन केन्द्रों से उपलब्ध हो सकेगी. जिससे वाई-फाई विलेज की परिकल्पना भी साकार हो सकेगी.