केन्द्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से इलाहाबाद म्यूजियम में बनवाई जाएगी गैलरी

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ALLAHABAD: अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की मृत्यु इलाहाबाद के जिस अल्फ्रेड पार्क में हुई थी, उस स्थल को संवारने के लिए केन्द्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने कदम बढ़ाया है. मंत्रालय की ओर से पार्क में स्थित इलाहाबाद म्यूजियम में आजाद गैलरी का निर्माण कराया जाएगा.

आठ करोड़ की लागत से बनेगी

संस्कृति मंत्रालय की ओर से इलाहाबाद म्यूजियम में बनाई जाने वाली आजाद गैलरी के लिए आठ करोड़ का प्रस्ताव बनाया गया है. ये म्यूजियम के सेंट्रल हॉल के पीछे की साढ़े छह हजार स्कवायर फिट जमीन पर बनाई जाएगी. इसमें देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजाद हिन्द फौज के गठन तक के क्रांतिकारियों की गाथाओं के अलावा उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को शामिल किया जाएगा.

गर्वनर को भेजा गया प्रस्ताव

संस्कृति मंत्रालय द्वारा सितम्बर के पहले सप्ताह में इलाहाबाद म्यूजियम में आजाद गैलरी बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए प्रदेश के गर्वनर राम नाईक के पास भेजा गया है. गर्वनर श्री नाईक इलाहाबाद संग्रहालय समिति के अध्यक्ष हैं. उनकी मंजूरी के बिना गैलरी का निर्माण नहीं कराया जा सकता.

गैलरी बनाने का उद्देश्य

देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आजाद हिन्द फौज के गठन तक अनगिनत क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को आजाद कराने में भूमिका निभाई थी. उन सभी की शौर्य गाथा को एक ही स्थल पर दिखाने के उद्देश्य को लेकर गैलरी का निर्माण कराया जाएगा. म्यूजियम के निदेशक डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि माना जाता है कि ब्रिटिश हुकूमत को उखाड़ फेंकने के लिए वर्ष 1915 में गदर मूवमेंट की भूमिका इसी पार्क में बनी थी. ऐसे ही असंख्य मूवमेंट का केन्द्र माने जाने की वजह को ध्यान में रखते हुए गैलरी बनाने के लिए इलाहाबाद म्यूजियम को चुना गया है.

म्यूजियम में आजाद गैलरी बनाने के लिए संस्कृति मंत्रालय का पत्र प्राप्त हुआ है. इस प्रस्ताव को संग्रहालय समिति के अध्यक्ष व गर्वनर राम नाईक के पास अनुमोदन के लिए भेजा गया है. उनकी स्वीकृति मिलते ही देश की इकलौती आजाद गैलरी का निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा.

डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, निदेशक, इलाहाबाद म्यूजियम