मासूम के साथ कुकर्म प्रकरण में अभी तक नहीं हुई कोई कार्रवाई

जांच कमेटी ने जमा की महिला कल्याण निदेशालय में रिपोर्ट

Meerut. मेरठ के राजकीय बाल संरक्षण गृह में मासूम के साथ कुकृत्य की घटना में लचर कार्रवाई पर निदेशालय की भूमिका पर उंगली उठ रही है. पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट बुधवार को जांच कमेटी ने निदेशालय को सौंप दी.

नहीं हुई कार्रवाई

बाल गृह में मासूम के साथ कुकृत्य की घटना में महिला कल्याण निदेशालय का लचर रवैया आश्चर्यजनक है. निदेशालय की ओर से जघन्य अपराध में अभी तक किसी तरह की बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है. हालांकि मुख्य आरोपी जावेद की सेवाएं गिरफ्तारी के तुरंत बाद प्रभारी डीपीओ श्रवण कुमार गुप्ता के आदेश पर समाप्त कर दी गई थीं किंतु केयर टेकर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई अभी तक नहीं हो सकी है. जबकि केयर टेयर अय्यूब हसन के खिलाफ डीएम के आदेश पर थाना नौचंदी में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया था.

निलंबन का नहीं भेजा अनुमोदन

घटनाक्रम के खुलासे के बाद केयर टेकर अय्यूब हसन को सस्पेंड करने की संस्तुति प्रभारी डीपीओ ने निदेशालय के समक्ष की थी. जबकि निदेशालय की ओर से अभी तक संस्तुति पर अनुमोदन नहीं किया गया है. वहीं प्रभारी डीपीओ के खिलाफ डीएम अनिल ढींगरा की निलंबन की संस्तुति को भी निदेशालय द्वारा संज्ञान नहीं लिया गया है.

निदेशालय को सौंपी रिपोर्ट

मेरठ में हुए जघन्य घटनाक्रम के खुलासे के बाद महिला कल्याण निदेशक पुनीत कुमार मिश्रा के आदेश पर दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया. कमेटी में डिप्टी सीपीओ मुख्यालय वीएस निरंजन और डिप्टी सीपीओ सहारनपुर पुष्पेंद्र सिंह को जांच अधिकारी बनाया गया. करीब तीन दिन की गहन जांच-पड़ताल के बाद जांच टीम ने बुधवार को निदेशालय में जांच रिपोर्ट को दाखिल कर दिया है.