-जमुई में सीबीआई की टीम ने पूर्वमंत्री दामोदर राउत से पांच घंटे तक की लंबी पूछताछ

-राउत के सामने समाज कल्याण विभाग की संचिकाएं रखी गई

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PATNA : सीबीआइ ने ब्रजेश ठाकुर का समाज कल्याण विभाग कनेक्शन खंगालना शुरू कर दिया है. रविवार को सीबीआई ने समाज कल्याण विभाग के पूर्वमंत्री व प्रदेश जदयू के उपाध्यक्ष दामोदर राउत से जमुई में करीब पांच घंटे तक पूछताछ की है. जबकि प्रात: कमल के दफ्तर से जब्त चादरों को दिल्ली स्थित केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है. हालांकि दामोदर राउत के पुत्र व प्रदेश युवा जदयू के निलंबित महासचिव राजीव राउत का कनेक्शन भी ब्रजेश ठाकुर के साथ सामने आ चुका है लेकिन सीबीआइ ने राजीव से अभी पूछताछ नहीं की है. सीबीआइ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दामोदर राउत से पूछताछ के समय उनके सामने समाज कल्याण विभाग की कई संचिकाएं भी रखी गई थी. जो ब्रजेश ठाकुर समेत अन्य एनजीओ को समाज कल्याण विभाग के टेंडर से संबधित थे. सीबीआइ ने दामोदर राउत को वे संचिकाएं भी दिखाई जिसमें उनके हस्ताक्षर थे. ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ को पहली बार दामोदर राउत के कार्यकाल में ही समाज कल्याण विभाग का टेंडर आवंटित किया गया था. पूछताछ में पटना, रांची व कोलकाता के अधिकारी शामिल थे.

राजीव रुकता था ब्रजेश के होटल में

सीबीआइ को दामोदर राउत के पुत्र राजीव राउत का भी ब्रजेश ठाकुर कनेक्शन मिल चुका है. राजीव ठाकुर मुजफ्फरपुर के साहु रोड स्थित ब्रजेश ठाकुर के होटल आरएम पैलेस में दोस्तों के साथ ठहरने के रिकॉर्ड सीबीआइ के हाथ लग चुके हैं. अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि राजीव राउत का अक्सर मुजफ्फरपुर आने का मकसद क्या था.

बेडरूम से मिले तकिया कवर को भी दिल्ली भेजा

ब्रजेश ठाकुर के 'प्रात: कमल' अखबार के पटना स्थित दफ्तर से जब्त चार चादरों को सीबीआइ ने जांच के लिए दिल्ली स्थित केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) भेजा है. सीबीआइ को इन चादरों से साक्ष्य मिलने की उम्मीद है. सीबीआइ ने रविवार को ब्रजेश ठाकुर के अखबार 'प्रात: कमल' के पटना ब्यूरो के दफ्तर के ऊपर बने बेडरूम से मिली चादर और तकिया कवर को दिल्ली भेजा.

कार्ड वालों से होगी पूछताछ

शुक्रवार को इस दफ्तर की तलाशी में सीबीआइ को दो कार्टन गर्भनिरोधक के अलावा अश्लील फिल्मों की सीडी और कई अन्य सामान मिले थे. सीबीआइ को उम्मीद है कि चादरों की फोरेंसिक जांच में इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों की जैविक पहचान के नमूने मिलते हैं, तो संदिग्धों पर शिकंजा कस सकेगा. सीबीआइ को कई परिचय पत्र भी मिले थे, जो ब्रजेश के अखबार से संबंधित लोगों के अलावा कुछ अन्य लोगों के भी हैं. सीबीआइ अब उन लोगों से भी पूछताछ करेगी जिनके परिचय पत्र उसके दफ्तर से बरामद किए गए हैं.

फुटेज खंगालने में जुटी सीबीआई टीम

सीबीआइ की टीम ने पटना के बुद्धा मार्ग में जादूघर के सामने अवस्थित प्रात: कमल के दफ्तर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी हासिल कर लिए हैं. इन फुटेज की जांच कर यहां आने-जाने वालें उन प्रमुख लोगों की शिनाख्त शुरू कर दी गई है.