मऊआइमा में हुई डकैती और मर्डर का खुलासा, सरगना अच्छे साथी समेत गिरफ्तार

दामाद और दो बेटे समेत चार की तलाश जारी

PRAYAGRAJ: बाग बगीचे में परिवार के साथ बसने वाला हर बंजारा गरीब नहीं है। कुछ रीयल में गरीब हैं तो कुछ इस चोले में डकैती और हत्या जैसा संगीन जुर्म भी कर रहे हैं। मऊआइमा में 4 अप्रैल की रात रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मचारी इंद्रराज पाल के घर डकैती डालने वाले बंजारे ही थे। उन्होंने इंद्रराज के बेटे सत्येन्द्र प्रताप पाल उर्फ मोनू की हत्या इसलिए कर दी क्योंकि वह जाग गया और विरोध करने लगा। पुलिस ने सोमवार को इस घटना का खुलासा कर दिया।

एसपी गंगापार ने किया खुलासा

इस सनसनीखेज घटना का सुराग डॉग स्क्वॉड ने दिया था जो स्पॉट के बाद सीधे डकैतों के ठिकाने तक पहुंच गया था। यह बंजारों का डेरा था। बंजारों से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि कुछ लोग परिवार के साथ कुछ दिन पहले ही गए हैं। डकैती में ले जाए गए मोबाइल को भी ट्रेस किया गया। मोबाइल की लोकेशन मऊआइमा सेमरी रूट पर मिली। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस डकैतों के ठिकाने तक जा पहुंची। एसपी गंगापार नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा तो अपना नाम गलत बता रहे थे। पुलिस अपने पर आई तो एक ने अपना नाम फिल्म पुत्र चिंतामणि व दूसरे ने अच्छे लाल पुत्र स्व। राम खेलावन निवासीगण निवासी खजुरी थाना लालगंज प्रतापगढ़ बताया। दोनों को उनके घर से ही गिरफ्तार किया गया था। दोनों मऊआइमा के जोगापुर निवासी इंद्रराज पाल के घर डकैती और सत्येन्द्र प्रताप पाल उर्फ मोनू की हत्या का गुनाह कबूल किया। यह भी बताया कि घटना में उनके साथ चार और लोग शामिल थे।

नकद रुपए व कुछ गहने बरामद

पकड़े गए अच्छे लाल ने पुलिस को बताया कि घटना में उसका बेटा सुनील कुमार व आलोक कुमार और दामाद भी शामिल था। चौथे शख्स का नाम व पता उसे नहीं पता क्योंकि वह बेटे सुनील के साथ आया था। कच्छा बनियान वे इसलिए पहने हुए थे ताकि शक इसी गिरोह पर ही जाए। एसपी गंगापार के मुताबिक पकड़े गए दोनों के कब्जे से एक लाख 10 हजार रुपए व एक मंगल सूत्र, तीन अदद चांदी के कमर बंद व तीन मोबाइल मिले हैं। जिसे इन वे डकैती के दौरान ले गए।

'दामाद का नाम नहीं लेते साहब'

केस में पकड़ा गया सरगना अच्छे लाल शातिर किस्म का है। पुलिस के मुताबिक तमाम कोशिश के बावजूद वह अपने दामाद का नाम व पता नहीं उगला। उसका तर्क है कि दामाद का नाम व पता वे अपनी जुबान से नहीं लेता। खेमे में इस तरह की परम्परा है। अब पुलिस का मानना है कि उसके दोनों बेटों के पकड़े जाने पर दामाद भी गिरफ्त में आ जाएगा।