RANCHI: सुपरस्पेशियलिटी सदर हॉस्पिटल को बुधवार को कई सौगातें मिली. लेकिन उद्घाटन के दूसरे ही दिन व्यवस्था दम तोड़ती नजर आई. जहां डिजिटल एक्सरे का ताला नहीं खुलने से मरीज परेशान रहे. वहीं कंगारू मदर केयर में कोई देखने वाला ही नहीं था. इससे इलाज के लिए आए मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. हालांकि, डे केयर यूनिट में बच्चों का इलाज चल रहा था. वहीं, ब्लड बैंक में भी खून लेने जरूरतमंद पहुंचे थे. ऐसे में सवाल उठता है कि सुविधाएं तो शुरू कर दी जाती है, लेकिन उसका लाभ मरीजों को मिले, इसकी मानिटरिंग कौन करेगा.

डे केयर में बच्चों का हुआ इलाज

फ‌र्स्ट फ्लोर पर शुरू किए गए डे केयर सेंटर में दो बच्चे इलाज के लिए पहुंचे. जहां एक्सप‌र्ट्स ने उनकी परेशानी जानने के बाद पैक सेल चढ़ाया. वहीं दूसरे बच्चे की देखरेख करने के बाद इलाज के लिए भर्ती कर लिया गया. इस दौरान सुबह से लेकर शाम तक डे केयर में एक्सप‌र्ट्स मौजूद रहे. डे केयर के इंचार्ज अतुल गेरा ने बताया कि अभी सेंटर में कुछ और काम किए जाने हैं. इसके बाद मरीजों को सारी सुविधाएं मिलने लगेंगी.

ब्लड बैंक में 14 यूनिट खून

कैंपस स्थित ब्लड बैंक में बुधवार को ही 20 लोगों ने ब्लड डोनेट किया था. पहले दिन कई लोग ब्लड लेने भी आए. लेकिन गुरुवार को कोई भी व्यक्ति ब्लड के लिए नहीं आया. ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. विमलेश सिंह ने बताया कि अभी लोगों को जानकारी भी नहीं है. जैसे ही लोगों को पता चलेगा, तो ब्लड के लिए लोग आएंगे.

वर्जन

जल्द ही व्यवस्था सुधर जाएगी. फिलहाल कंगारू मदर केयर की प्रभारी नहीं है. कल से यूनिट चालू हो जाएगी. डे केयर पूरी तरह से रनिंग मोड में है. ब्लड बैंक में भी खून अवेलेबल है. एक्सरे की कुछ प्रक्रिया बाकी है, इसलिए अभी एक्सरे नहीं होगा.

अंतरा झा, मैनेजर, सदर हॉस्पिटल