छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र : शहर में स्कूली वैन और ऑटो चालकों की मनमानी पर चाबुक चलाने के लिए बुधवार को शुरु हुए चेकिंग अभियान से ऑटो और वैन चालकों में हड़कंप मचा हुआ है. गुरुवार को दूसरे दिन भी ऑटो चालकों के एक संस्था ने साकची स्थित आम बगान में रैली निकाल प्रदर्शन किया. स्कूल वैन और ऑटो चालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात कर चेकिंग अभियान में ढील बरतने एवं एक माह की मोहलत देने की मांग की. उपायुक्त अमित कुमार ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा में किसी प्रकार की ढील स्वीकार नहीं की जाएगी.

यूनियन ने निकाली रैली

इधर, गुरुवार को ही झारखंड टेंपो चालक संघर्ष यूनियन ने साकची आमबगान में रैली निकाली. संरक्षक डॉ. पवन पांडेय ने कहा कि जहां तक ओवरलोडिंग की बात है तो कोई भी ऑटो चालक ओवरलोडिंग नहीं करना चाहता. प्रशासन यात्रियों की संख्या और रेट दोनों क्यों नहीं तय करता है. ताकि हमेशा का विवाद ही खत्म हो जाए. पेपर चेकिंग के नाम पर व्यावसायिक लाइसेंस और परमिट भी चेक किया जा रहा है, जबकि जिला परिवहन पदाधिकारी कार्यालय से यह निर्गत ही नहीं होता है. फिटनेस पर प्रतिदिन का 50 रुपये जुर्माना नया लागू किया गया है.

न मिला एक माह का समय तो 14 से हड़ताल

रैली के बाद यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मिलकर मांग की कि फिलहाल चेकिंग अभियान रोक कर ऑटो चालकों को कागजात दुरुस्त करने के लिए पुन: एक माह का समय दिया जाए. प्रशासन एक कैंप केवल ऑटो चालकों के लिए लगाए ताकि आसानी से कागजात बन सके. यदि जिला प्रशासन हल निकालने के लिए तैयार नहीं होता है तो मजबूरन संघर्ष का रास्ता अपनाना होगा. सोमवार तक इंतजार करेंगे. यदि समाधान नहीं निकलता है तो 14 अगस्त की सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.