-शवों की दुर्गति रोकने को नहीं उठाए जा रहे कोई कदम, परिजन खुद बॉडी उठाने को मजबूर

BAREILLY: जिला अस्पताल और पोस्टमार्टम हाउस में शवों की दुर्गति लगातार जारी है. शासन हो या प्रशासन किसी का भी खौफ जिम्मेदारों को नहीं है. किसी भी शव को सम्मान सहित उसके घर तक पहुंचाया जाए, इसके लिए डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में दो शव वाहन मौजूद हैं. यह वाहन डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की मोर्चरी के बाहर खड़े रहते हैं, लेकिन इनमें यदा-कदा ही शव को ले जाया जाता है, जबकि दूसरी ओर चाहें डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की मोर्चरी हो या फिर पोस्टमार्टम हाउस शवों को फर्श पर ही डाला जाता है. शव को न तो स्ट्रेचर पर रखा जाता है और न ही फ्रीजर में. पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजन प्राइवेट एंबुलेंस या अन्य किसी साधन से लेकर जाते हैं. डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल से भी शव को ठेले पर पोस्टमार्टम हाउस लाया जाता है. तीन दिन पहले आई तेज आंधी में हादसों में मृतकों के शवों के साथ भी ऐसा हुआ था.

जमीन पर ही रख देते हैं डेड बॉडी

डेड बॉडी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने पर जमीन पर ही रख दिया जाता है. बॉडी का जब पोस्टमार्टम होने का नंबर आता है तो मृतक के परिजन खुद ही डेड बॉडी को उठाकर पोस्टमार्टम रूम तक पहुंचाते हैं. जब परिजन इस आपत्ति जताते हैं तो उनसे कहा जाता है कि तुम्हारे ही परिजन की बॉडी है तुम नहीं उठाओगे तो क्या हम उठाएंगे. जिसके बाद मजबूरी में परिजन बॉडी को उठाकर पोस्टमार्टम रूम तक ले जाते हैं. यही नहीं पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों से मनमानी रकम भी वसूली जाती है. रकम न देने पर परिजनों से झगड़ा किया जाता है. इसको लेकर कई बार हंगामा भी हो चुका है लेकिन हालात नहीं सुधर रहे हैं.