डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में मोतियाबिंद सर्जरी के लिए पहुंचा था व्यापारी, व्यापारियों ने किया हंगामा

>BAREILLY: मरीजों को इलाज देने में डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर सवालों में घिर गया है. हॉस्पिटल के डॉक्टर्स पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगे हैं. आंख की दिक्कत पर हॉस्पिटल में इलाज करने पहुंचा एक व्यापारी अंधेपन की शिकार हो गया. इस पर थर्सडे को उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के व्यापारियों ने डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल पहुंचकर हंगामा कर दिया. नाराज व्यापारियों ने सीएमएस डॉ. केएस गुप्ता का घेराव कर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. साथ ही पीडि़त व्यापारी की आंखों का सही इलाज कराने की मांग सीएमएस से की.

आंखों से निकला खून

चक महमूद निवासी अशद खां दायीं आंख में पानी निकलने की तकलीफ थी. 10 फरवरी को वह हॉस्पिटल पहुंचे. आरोप है कि डॉ. वर्षा ने आंखों की जांच कर व्यापारी को मोतियाबिंद की बीमारी बताई. डॉक्टर ने व्यापारी को जल्द ही सर्जरी कराने की जरूरत बताई. व्यापारी के मुताबिक वह 11 फरवरी को दोबारा हॉस्पिटल पहुंचे तो डॉ. वर्षा ने आंख में इंजेक्शन लगा दिया. व्यापारी का कहना है कि इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद ही आंख से खून निकलने लगा. डॉ. वर्षा ने आंखों पर पट्टी लगाकर रवाना कर दिया.

खराब हो गई आंखें

व्यापारी ने बताया कि आंखों का दर्द कम न होने पर उसने शहीद भगत सिंह आई हॉस्पिटल में चेकअप कराया. वहां के आई स्पेशलिस्ट ने आई चेकअप के बाद व्यापारी को बताया कि उसकी आंख की रौशनी जा चुकी है. खराब हो चुकी आंख का इलाज संभव नहीं है. इस पर परेशान व्यापारी ने संगठन के अन्य साथियों को यह बात बताई. थर्सडे को संगठन के जिलाध्यक्ष शोभित सक्सेना की अगुवाई में पहुंचे व्यापारियों ने करीब सवा घंटे तक हॉस्पिटल में हंगामा किया.

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मरीज ने आंख के इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं. मामले की जांच के लिए डॉक्टर से रिपोर्ट व बयान मांगे गए हैं. दोषी होने पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश होगी.

- डॉ. केएस गुप्ता, सीएमएस