-जिला जेल शिफ्टिंग के बाद से चोरों ने लगा दी थी सेंध, चोरी कर लिया कीमती सामान

-दैनिक जागरण में न्यूज पब्लिश होने के बाद एडीजी जिला जेल ने किया निरीक्षण, फिर से जिला में शिफ्ट होंगे बंदी

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पुरानी जिला जेल अफसरों ने पहले तो खुद ही लुटवा दी, जब जेल पूरी तरह लुट गई तो अब फिर से संवारने की सुध आई है. 'जेल में चोरों की सेंधमारी सुरक्षा पर पड़ गई भारी' न्यूज दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में पब्लिश होने के बाद सैटरडे को लखनऊ से एडीजी जेल निरीक्षण के लिए शहर पहुंचे. उन्होंने निरीक्षण के बाद जेल की हालत पर अफसोस भी जताया. इसके बाद उन्होंने नई जिला जेल को पुरानी जिला जेल में ही शिफ्ट करने की बात कही. इसके बाद अब अफसर इसे सवांरने की कवायद में जुटे हैं.

बंद किया गया कूमल

पुरानी जिला जेल में डीजी सेट के जिस रूम में चोरों ने कूमल लगाया था उसे एडीजी जिला जेल के निरीक्षण के बाद बंद कर दिया गया. निरीक्षण को पहुंचे एडीजी ने पुरानी जिला जेल की बदहाली की वजह भी अफसरों से जानी और बदहाली दूर कराने की बात कही, जिसके बाद अफसरों ने चोरों के लगाए गए कूमल में सैटरडे को ही ईटों से भर दिया. अब माना जा रहा है कि जल्द ही पुरानी जिला जेल की सफाई और मरम्मत का काम भी शुरू हो जाएगा.

विन्डो के नीेच ईट निकाल बनाया रास्ता

ज्ञात हो पुरानी जिला जेल 26 दिसम्बर को नई जिला जेल सैदपुर कुर्मियाना में शिफ्ट हो गई थी. इसके बाद जिला जेल प्रशासन जरूरत का सामान भी नई जिला जेल में लेकर चला गया, लेकिन इसके बाद जो भी कीमती सामान बचा उसे जेल प्रशासन ने ताला डालकर कमरों और बैरक में बंद कर दिया. ताकि कोई चोरी न कर सके. जेल प्रशासन ने इसकी सिक्योरिटी के लिए दो कांस्टेबल भी तैनात कर दिए. लेकिन इसे अफसरों की नाकामी ही कहें कि जेल प्रशासन की तरफ से पुरानी जेल की सुरक्षा कराए जाने के बाद भी चोरों ने विन्डो के नीचे की ईटें निकाल कर रास्ता बना लिया. इसके बाद चोरों ने पूरी जिला जेल को खंगाल डाला. यहां तक कि बिजली की लाइन में लगे एल्युमिनियम के वायर को भी काटकर ले गए, लेकिन अफसरों ने इसकी सुध नहीं ली. इससे चोरों ने जिला जेल का एक-एक कीमती सामान भी चोरी लिया.

यह सामान हो गया था चोरी

-जिला जेल में रखी हथकड़ी, बिजली की केबिल, दीवारों में लगे बोर्ड, बिजली के स्विच, मोटी-मोटी जंजीरें, पीएनजी पाइप लाइन, फायर एक्सटिंग्यूशर और इंडिया मार्का हैंडपंप सहित अन्य सामान भी चोरी हो गया.

काफी समय रहा चोरों का आतंक

पुरानी जिला जेल में चोरों ने महीनों तक आतंक मचाया, लेकिन अफसरों ने ध्यान ही नहीं दिया. इसका नतीजा था कि चोर रात भर चोरी करने के लिए सामान निकालते थे लेकिन इसके बाद कुदाल, स्क्रू ड्राइवर और हैंड आरी को वहीं छोड़ जाते थे ताकि अगले दिन चोरी करने में ये सामान काम आए.