निरीक्षण में सामने आई खामी, बाढ़ चौकियों पर नहीं मिले जिम्मेदार कर्मचारी

डीएम ने निरीक्षण के बाद सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को किया एलर्ट

ALLAHABAD: गंगा-यमुना में शुरू उफान के साथ संगम नगरी इलाहाबाद पर भी अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. लेकिन जिन लोगों पर खतरे पर नजर रखने की जिम्मेदारी है, वे अभी भी सो रहे हैं. बाढ़ की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने मंगलवार को बाढ़ की तैयारियों का जायजा लिया. इस दौरान कई बाढ़ चौकियों से जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी गायब मिले.

24 घंटे अलर्ट रहने का निर्देश

डीएम मंगलवार को सबसे पहले दशाश्वमेध घाट पहुंचे. वहां उन्होंने बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए. इसके बाद जिलाधिकारी नागवासुकी घाट होते हुए छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, चांदपुर सलोरी, शिवकुटी, शंकरघाट, नारायणी आश्रम, रसूलाबाद, फाफामऊ पुल के तटवर्ती इलाकों का निरीक्षण करते हुए बाढ़ चौकियों पर पहुंचे. लेकिन बाढ़ चौकियों पर जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी गायब मिले. उन्होंने बाढ़ को देखते हुए आपदा टीमों को 24 घण्टे सक्रिय रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बाढ़ से निबटने के लिए जो प्लान बनाया गया है, उसके अनुसार ही एलर्ट रहें.

बनी हैं 99 बाढ़ चौकियां

इलाहाबाद में सम्भावित बाढ़ को देखते हुए कुल 99 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं. डीएम ने कहा कि बाढ़ से निबटने के लिए जनपद में पीएसी की 42वीं एवं 4वी बटालियन, जल पुलिस पूर्व से कार्यरत है. एनडीआरएफ टीम, सेना तथा वायु सेना भी उपलब्ध है.

अभी स्थिति है सामान्य

डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन का दावा है कि इलाहाबाद में बाढ़ की स्थिति अभी फिलहाल सामान्य है. गंगा एवं यमुना नदियों के जल स्तर खतरे के निशान से काफी नीचे हैं.

दर/घण्टा कुल कमी दर/घण्टा

1- गंगा फाफामऊ 84.734 78.400 - - 0.030 (घ)

2- गंगा छतनाग 84.734 77.080 - - 0.130 (घ)

3- यमुना नैनी 84.734 77.820 - - 0.100 (घ)