- सुसाइड के पूर्व डीएम मुकेश ने बक्सर के सर्किट हाउस से बनाया था वीडियो

- शादी के बाद से जीवन में था उथल पुथल, फिर भी पत्‍‌नी से करते थे बहुत अधिक प्यार

- मोबाइल में आईयू माय लाइफ के नाम से सेव कर रखा था पत्‍‌नी आयुषी सांडिल्य का नंबर

PATNA : शादी के बाद वैवाहिक जीवन में काफी उथल पुथल मच गया था. मां बाप के साथ पत्नी की झंझट के बाद भी पत्नी आयुषी को बहुत प्यार करते थे. कलह की इस यात्रा ने उन्हें सुसाइड सात्रा पर दिल्ली जाने को मजबूर कर दिया. ये दर्द बक्सर के डीएम व बिहार कैडर के ख्0क्ख् बैच के आइएएस मुकेश कुमार पांडेय का है. सुसाइड के पहले उन्होंने बक्सर के सर्किट हाउस से एक वीडियो तैयार किया था जिसे सुनकर किसी की भी आंख नम हो जाएगी. वह परिवार में कलह के बाद भी हर सदस्य को बहुत प्यार करते थे. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट आपको बताने जा रहा है कि एक आइएएस अफसर ने सुसाइड का रास्ता क्यों चुना.

- ये है डीएम की सुसाइड कथा

- मैं मुकेश कुमार पांडेय वर्ष ख्0क्ख् बैच का बिहार कैडर का आइएएस अफसर हूं.

- मैं बक्सर के सर्किट हाउस से इस वीडियो को रिकार्ड कर रहा हूं.

- मैने यहां पर डिसीजन लिया है कि दिल्ली में जाकर अपने जीवन का अंत कर लूंगा.

- ये डिसीजन मैने इसलिए लिया क्योंकि मै अपने जीवन से खुश नहीं हूं.

- मेरी वाइफ और मेरे माता पिता के बीच बहुत तना तनी है और हमेशा दोनों एक दूसरे से उलझते रहते हैं.

- इससे मेरा जीना दुश्वार हो गया है. दोनों की गलती नहीं है.

- दोनो अत्याधिक प्रेम करते हैं मुझसे मगर अति किसी चीज की कभी कभी आदमी को मजबूर कर देती है वह बहुत कठोर कदम उठाता है.

- किसी भी चीज की अति बहुत अच्छी बात नहीं है. मेरी पत्‍‌नी मुझे बहुत प्यार करती है मुझे मालूम है.

- मेरी एक छोट बच्ची भी है. पर अब मेरे पास कोई आप्शन नहीं है.

- अब मै वैसे भी जीवन से तंग आ चुका हूं. मैं बहुत सिम्पल सीधा साधा आदमी हूं.

- जो मैरिज लाइफ मेरा है वो जब से मेरी शादी हुई है बहुत ही ज्यादा उथल पुथल चल रही है.

- हमेशा हम लोग किसी न किसी बात पर झगड़ते रहते हैं.

- हम दोनो की पर्सनालिटी बिल्कुल ही अलग है. चॉक एंड चीज हैं हम लोग.

- वह अग्रेसिव है मैं शांत स्वभाव का हूं, किसी भी चीज में हमारा मेल नहीं खाता है.

- फिर भी एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं. मैं सुसाइड करने जा रहा हूं. किसी को जिम्मेदार नहीं मानता हूं,

- मैं खुद जिम्मेदार हूं. मेरी जो पर्सनालिटी है मैने जो बचपन से जाना है समझा है. मेरा ज्ञान मेरी क्षमता मेरे काम नहीं आई.

- इस कारण मै सुसाइड कर रहा हूं. इसके लिए न कोई दबाव है और न कोई ऐसा काम किया जिसके लिए ऐसा करना पडे़.

- मै अपने जीवन से बहुत निराश हूं, पहले सोचा कहीं तप करने चला जाउं समाज सेवा करूं, लेकिन लगा ये व्यर्थ है

- मैने अंत में फैसला किया झूठ बोलकर दिल्ली जांउ और वहां अपनी जीवन लीला खत्म कर लूं.

- ये वीडियो जिसे भी मिले वह मेरे मम्मी, पापा, भैया, सास, ससुर और पत्‍‌नी जिसका नंबर आयु माइ लाइफ के नाम से सेव है सूचना दे दे.

- हर किसी का सपना रह गया अधूरा

मुकेश का चयन जब ख्0क्ख् में भारतीय प्रशासनिक सेवा में हुआ तो घर वालों के साथ उनसे जुड़े लोगों ने भी बड़ा सपना देखा था. वह मुकेश को प्रदेश के बड़े पद पर देखना चाहते थे. सपना अब धीरे धीरे पूरा भी हो रहा था. हाल ही में उन्हें डीएम बक्सर के रूप में तैनाती मिली थी. युवा तेज तर्रार अफसर को लेकर उनसे जुड़े लोगों ने बड़ी उम्मीदें लगा रखी थी. मुकेश की मौत के साथ हर किसी का सपना चकनाचूर हो गया.

- दिल्ली से लेकर छपरा तक बहे आंसू

बक्सर के पूर्व डीएम मुकेश पांडेय की मौत से दिल्ली से लेकर छपरा तक आंसू के सैलाब बहे. बिहार के छपरा जिले में उनका पैतृक गांव है और बक्सर में तैनात मुकेश ने गुवाहाटी, असम से पढ़ाई की थी. उन्होंने दिल्ली-गाजियाबाद में जाकर आत्महत्या कर ली. पुराना गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से कटकर आत्महत्या करने वाले बक्सर के डीएम मुकेश कुमार पांडेय ने सभी को रूला दिया.

मुकेश ने नहीं खाया खाना

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुकेश पांडेय का पेट खाली मिला. इससे आशंका है कि वह कई दिनों से खाना नहीं खाए थे. शरीर पर 8 जगह गंभीर चोट और कई साधारण चोट मिली है. शुक्रवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम किया गया. उनके परिजनों के दोपहर बाद गाजियाबाद पहुंचने के कारण पंचनामे की कार्रवाई पूरी होने में देर हुई. प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई एसी एंबुलेंस से परिजन शव लेकर बिहार भवन चले गए.

- एक नजर में मुकेश की प्रोफाइल

मूलरूप से छपरा जिले के रहने वाले मुकेश कुमार पांडेय (फ्0) के पिता सुदेश्वर पांडेय गुवाहाटी के कामरूप मेट्रो स्थित थाना चांदमारी के पराग पथ पर रहते हैं. वह वहां डॉक्टर हैं. मां व बड़ा भाई राकेश पांडेय आइएफएस अफसर हैं और वर्तमान में मास्को के भारतीय दूतावास में तैनात हैं. मुकेश वर्ष ख्0क्ख् बैच के आइएएस थे और विभिन्न जिलों में सेवा देने के बाद तीन अगस्त को उन्हें बक्सर का डीएम बनाया गया था. मुकेश की वर्ष ख्0क्ब् में पटना निवासी आयुषि पुत्री आरपी सिंह से शादी हुई थी. आरपी सिंह का पटना में मारुति कार का शोरूम है. मई ख्0क्7 में उन्हें बेटी हुई थी. गुरुवार रात उन्होंने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली.

किसी भी परिजन की तरफ से अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है. डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया है. पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई है. शव को दिल्ली भेजने के लिए एसी एंबुलेंस की व्यवस्था प्रशासन द्वारा कराई गई.

- मिनिस्ती एस., जिलाधिकारी, गाजियाबाद