संयुक्त व्यापार संघ ने ट्रांसपोर्टर्स के पक्ष में डीएम को दिया ज्ञापन

उद्योगपति ट्रांसपोर्टर्स से बात कर अपना माल मंगाने का दवाब बना रहे हैं

Meerut. डीजल के दामों में बढ़ोतरी के विरोध में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की हड़ताल पांचवे दिन भी जारी रही. मंगलवार को ट्रांसपोर्टर्स के पक्ष में संयुक्त व्यापार संघ ने डीएम से मुलाकात कर कांवड़ से पहले हड़ताल खत्म कराने की मांग की. वहीं पांच दिन की हड़ताल का असर अब शहर के उद्योगों पर भी दिखाई देने लगा है. उद्योगपति ट्रांसपोर्टर्स से बात कर अपना माल मंगाने का दवाब बना रहे हैं.

जिलाधिकारी से मिले व्यापारी

मंगलवार को संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने डीएम से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा. जिसमें व्यापारियों ने हड़ताल से भिन्न-भिन्न प्रकार के सामानों की कमी और कांवड़ यात्रा का हवाला देते हुए 28 या 29 जुलाई से बंद होने रुट से पहले मांगे पूरी करने की बात कही.

ट्रक ऑपरेटर्स की मांग

1. डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए.

2. राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य निर्धारण और डीजल कीमतों में त्रैमासिक संशोधन.

3. भारत टोल बैरियर मुक्त हो.

4. तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम

(टीपीपी) पारदर्शिता, इस पर जीएसटी की छूट और कॉम्प्रीहेंसिव पॉलिसी के माध्यम से एजेंटो को भुगतान किए जा रहे अतिरिक्त कमीशन को समाप्त किया जाए.

5. ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर टीडीएस समाप्त हो. आयकर अधिनियम की धारा-44 एई में अनुमति, आय में कमी और उसको तर्कसंगत किया जाए.

6. ई-वे बिल के नियमों में जरूरी संशोधन किए जाएं.

यह रहे शामिल

ज्ञापन सौंपने वालो संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता समेत उपाध्यक्ष नीरज मित्तल, मंत्री विजय आनंद, मनीष शर्मा, पूर्व कोषाध्यक्ष सतीश चंद जैन, व्यापारी नेता विपुल सिंघल, अध्यक्ष ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन मेरठ व मंत्री संयुक्त व्यापार संघ गौरव शर्मा, महामंत्री दीपक गांधी, प्रवीन चिन्योटी आदि शामिल रहे.

कोट्स

हड़ताल से पहले एक सप्ताह का माल मंगा लिया गया था लेकिन हड़ताल जल्द खत्म ना हुई तो शार्टेज बढ़ सकती है. मेरठ से बाहर जाने वाले माल के रुकने से करोड़ों का घाटा होगा.

सर्वेश सर्राफ

कांवड़ के दौरान रूट बंद होने से बाजार वैसे भी मंद हो जाता है. अब हड़ताल के चलते पहले से ही बाहर से माल नहीं आ पा रहा है. इससे कांवड़ यात्रा के दौरान परेशानी बढ़ सकती है.

शरीफ अहमद, महामंत्री, कैंची इंडस्ट्रीज

कच्चा माल अधिकतर बाहरी प्रदेशों से आता है. हड़ताल के चलते माल आ तो रहा लेकिन तैयार करके माल भेज नहीं पा रहे. जिससे लगातार नुकसान हो रहा है.

गौरव राजपूत, उद्यमी

कई इंड्रस्टीज अपना माल मंगाने के लिए हड़ताल खत्म करने की मांग कर रहे हैं. जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी.

गौरव शर्मा, अध्यक्ष