आज से शुरु होगा सेशन, बिना किताब-कॉपी पहुंचेगे बच्चे

बिना किताबों के शुरु होगा बेसिक स्कूलों का सेशन

परिषदीय स्कूलों के बच्चों के लिए नहीं पहुंची किताबें

MEERUT । सीबीएसई स्कूलों की तर्ज पर बेसिक स्कूलों का एक अप्रैल से शुरु होने वाला नया सत्र इस बार भी बिना कॉपी-किताब के शुरु होगा। शासन की जल्दबाजी व विभाग की लापरवाही के चलते एक बार फिर लाखों बच्चों का भविष्य भी दांव पर लग गया है। यही नहीं बीते सेशन में भी फरवरी अंत तक कुछ किताबें बच्चों को उपलब्ध नहीं हो सकी थी।

पहली से आठवीं के बच्चे होंगे परेशान

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पहली से आठवीं तक के बच्चों को निशुल्क किताबें दी जाती हैं। शिक्षा विभाग का दावा था कि इस बार समय से किताबें भेज देंगे, लेकिन नया सेशन शुरु होने के बाद भी किताबें नहीं आ सकी है। हालांकि सूत्रों के अनुसार इस बार भी कोर्स की किताबें पहुंचने में काफी वक्त लगेगा। जबकि नए सत्र के शुरु होने के एक हफ्ते के भीतर किताबें,यूनीफार्म, स्कूल बैग व जूता मोजा वितरण करने का दावा विभाग की ओर से किया जा रहा था।

डेढ लाख से अधिक बच्चे होंगे प्रभावित

शिक्षा विभाग की इस लेटलतीफी से जनपद के डेढ लाख से अधिक बच्चे प्रभावित होंगे। वहीं परिषदीय स्कूलों के इंग्लिश मीडियम स्कूलों के लिए भी किताबें मुहैया नहीं हो पाई हैं। स्थिति यह है कि विभाग की ओर से किताबों का टेंडर भी नहीं दिया गया है। वहीं विभाग की ओर से इस बार गणित और भाषा के लिए पुरानी किताबों का विकल्प देखा जा रहा है। 1 से 5 वीं तक के बच्चों को फिलहाल पुरानी किताबों से ही नए सत्र की पढ़ाई करनी होगी। लाख कवायदों के बावजूद शासन स्तर से स्कूलों में किताबें नहीं पहुंच सकी हैं।

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हमारे पास किताबों को लेकर अभी कोई सूचना नहीं आई हैं। किताबों के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।

सत्येंद्र सिंह ढाका, बीएसए, मेरठ।

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नए सेशन के लिए अभी तक भी किताबें नहीं आ पाई हैं। जुलाई से पहले बच्चों को नया पाठ्यक्रम मिलना मुश्किल है। पुरानी किताबों से ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा।

सविता शर्मा, अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ