ट्रान-टू नहीं भरा तो नहीं मिलेगी इनपुट क्रेडिट, समाधान योजना में होना चाहते हैं शामिल तो 31 के पहले करनी होगी कवायद

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ALLAHABAD: जीएसटी लागू होने के बाद ये पहला फाइनेंशियल ईयर है, जिसमें शामिल होने से पहले व्यापारियों को अपने व्यापार के साथ ही रिकार्ड को पूरी तरह मेंटेन करना होगा. छोटी-छोटी बातों का भी ध्यान रखना होगा. नियम-कानून को फॉलो करना होगा. निर्धारित शर्तो को निर्धारित तिथि से पहले पूरा करना होगा. इसमें कहां बरतनी है सावधानी ये बता रहे हैं हम.

भुगतान नहीं तो टैक्स क्रेडिट भी नहीं

इनपुट टैक्स क्रेडिट के नियमों के अंतर्गत यदि कोई व्यापारी टैक्स इनवॉइस जारी करता है और 180 दिन के अंदर उसको भुगतान प्राप्त नहीं होता है तो वह उस इनवॉइस के टैक्स क्रेडिट को जीएसटी से वापस मांग सकता है. ऐसी दशा में प्राप्त कर्ता उस बिल का भुगतान करने के बाद ही क्रेडिट पा सकेगा. मतलब प्रत्येक इनवॉइस जो 1 अक्टूबर 2017 या उससे पूर्व जारी की गई है उसका भुगतान 31 मार्च 2018 तक कर दिया जाना चाहिए.

31 मार्च से पहले कराएं रजिस्ट्रेशन

1 अप्रैल 2018 से 50 हजार रुपये एवं इससे अधिक के माल के अंतर राज्य परिवहन पर इ वे बिल लागू है. यदि कोई माल 1 अप्रैल को ट्रांजिट में होगा तो उसके लिए भी ई वे बिल जेनरेट करना आवश्यक होगा. इसलिए 31 मार्च से पूर्व व्यापारी ई-वे बिल का रजिस्ट्रेशन करा लें, नहीं तो फिर ई-वे बिल के लिए परेशान होना पड़ेगा.

सबकुछ अच्छी तरह चेक कर लें

31 मार्च 2018 से पहले अपनी लेखा बही के अनुरूप कैश क्रेडिट व लायबिलिटी खाते को समायोजित कर लें. साथ ही संगत वर्ष के डिस्काउंट रेट डिफरेंस क्रेडिट व डेबिट नोट आदि का समाशोधन वर्ष की समाप्ति से पूर्व कर लें.

..तो लिखना होगा एचएसएन कोड

प्रथम टैक्स इनवॉइस जारी करने से पूर्व अपने 2017-18 के वार्षिक टर्नओवर की जांच कर लें. ऐसे व्यापारी जिनका एनुअलटर्नओवर 1.5 करोड़ से ज्यादा और 5 करोड़ से कम है उनको 2 डिजिट एवं जिनका 5 करोड़ से अधिक है उनको 4 डिजिट एचएसन कोड लिखना आवश्यक है. 1.5 करोड़ तक के टर्नओवर वालों के लिए एचएसएन कोड अनिवार्य नहीं है.

एक अप्रैल को बदलें इनवॉइस बुक

यदि नई सीरीज की इनवॉइस बुक को चलाना अथवा पुरानी सीरीज में कोई संशोधन की आवश्यकता है तो एक अप्रैल से ही कर लें. सभी अवस्था में बिल की नंबरिंग एक से ही शुरु होगी.

31 मार्च के बाद समाधान योजना नहीं

नए वित्तीय वर्ष 2018-19 में यदि कोई व्यापारी समाधान योजना में शामिल होना चाहता है तो उसे 31 मार्च 2018 से पूर्व फॉर्म जीएसटी-सीएमपी 2 के द्वारा आवेदन करना होगा. अगर व्यापारी समाधान योजना से बाहर निकलना चाहता है तो ऐसी स्थिति में व्यापारी को फार्म जीएसटी-सीएमपी-04 भरना होगा. इसे हर हाल में सात अप्रैल से पहले भरना होगा.

अप्रैल में इन तारीखों पर भरें रिटर्न

अप्रैल में व्यापारियों को कई रिटर्न भरने हैं. इनकी अंतिम तिथि को ध्यान में रखना आवश्यक है. मार्च का जीएसटीआर-3बी 20 अप्रैल 2018 एवं जीएसटीआर-1 की अंतिम तिथि 10 अप्रैल 2018 है. जीएसटीआर-4 कंपोजीशन डीलर को भरना है, जिसकी लास्ट डेट 18 अप्रैल है. जीएसटीआर-06 जो इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर को भरना है उसकी अंतिम तिथि 13 अप्रैल है. ऐसे व्यापारी जो इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर हैं, उनको जीएसटीआर-06 के द्वारा अपना रिटर्न फाइल करना है ऐसे करदाता के लिए जुलाई 2017 से फरवरी 2018 तक का जीएसटीआर-6 दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च है.

ट्रान-2 द्वारा बिक्री का विवरण

ऐसे करदाता व्यापारी जिन्होंने 27 दिसंबर को ट्रान-1 दाखिल किए बिना किसी डॉक्यूमेंट के पूर्व में दी हुई एक्साइज ड्यूटी का क्रेडिट लिया है, उनको 31 मार्च 2018 से पूर्व ट्रान-2 द्वारा 6 माह की बिक्री का विवरण देना है.

अगले-दो तीन दिन व्यापारियों के लिए काफी खास हैं. छोटी-छोटी ही सही, लेकन कई टेक्निकल जानकारियां हैं, जिसके बारे में व्यापारी को पता ही नहीं है. इन नियमों को जानकर व्यापार को बेहतर बनाया जा सकता है.

महेंद्र गोयल

पूर्वी प्रदेश अध्यक्ष

कैट