फ्लैग- प्राइवेट हॉस्पिटल एवं नर्सिग होम की मनमानी पर रोक लगाने की बड़ी पहल

मरीजों को देनी होगी सभी शुल्कों की जानकारी, स्वास्थ्य सचिव ने जारी किया निर्देश

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क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ (26 न्श्चह्मद्बद्य): स्वास्थ्य विभाग के निर्देश का अक्षरश: पालन हो तो निजी अस्पतालों एवं नर्सिग होम की मनमानी पर रोक लग सकती है. निजी अस्पतालों को मरीजों के इलाज पर लिए जानेवाले सभी शुल्कों की जानकारी परिजनों द्वारा मांगे जाने पर अनिवार्य रूप से देनी होगी. अस्पतालों को अपने पूछताछ केंद्रों के पास नोटिस बोर्ड लगाकर भी सभी सेवा शुल्कों का उल्लेख करना होगा. स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने झारखंड क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के इस प्रावधानों को सख्ती से लागू करने का निर्देश सभी सिविल सर्जनों को दिया है.

सीएस करेंगे निगरानी

स्वास्थ्य सचिव ने अस्पतालों के नोटिस बोर्ड पर वहां सेवा दे रहे डॉक्टरों के नाम, उनकी योग्यता, उनका मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रेशन नंबर का भी स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य रूप से भी कराने का निर्देश सिविल सर्जनों का दिया है. मरीजों या उनके परिजनों द्वारा मांगे जाने पर अस्पताल या नर्सिग होम के नाम, बेड संख्या, सेवा देनेवाले डॉक्टरों के नाम, विभिन्न सेवाओं के शुल्क का स्पष्ट विवरण भी उन्हें देना होगा. स्वास्थ्य सचिव के इस आदेश की प्रति सभी निजी अस्पतालों को भी भेजी जा रही है.

अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन की रिपोर्ट तलब (बॉक्स)

स्वास्थ्य सचिव ने निदेशक प्रमुख डा. सुमंत मिश्रा से क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करानेवाले अस्पतालों का ब्योरा तलब किया है. उन्होंने प्रोविजनली रजिस्टर्ड क्लीनिक, निरीक्षण किए गए क्लीनिक की संख्या उनके नाम, निरीक्षण का विवरण निर्धारित फारमेट में देने को कहा है. बता दें कि एक्ट के तहत प्रोविजनली रजिस्ट्रेशन के बाद क्लीनिक की जांच तीन माह के अंदर अनिवार्य है.

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झोलाछाप डॉक्टरों पर होगी एफआईआर

स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने इटखोरी-चतरा के झोलाछाप डॉक्टरों अरुण कुमार व अनुज कुमार के विरुद्ध एफआइआर दर्ज करने का आदेश चतरा सिविल सर्जन को दिया है. उन्होंने अवैध क्लीनिक में इन झोला छाप डॉक्टरों द्वारा नवजात के गुप्तांग काटे जाने का मामला सामने आने के बाद गुरुवार को सिविल सर्जन को फोन कर यह निर्देश दिया. दोनों डॉक्टरों पर क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट, मेडिकल प्रैक्टिसनर एक्ट तथा पीसीपीएनडीटी एक्ट का मामला दर्ज होगा.