एसएन इमरजेंसी में पिता का इलाज कराने किरावली से आया था युवक

मामला बढ़ने पर सीनियर डॉक्टरों ने किया एडमिट

आगरा. एक बार फिर से एसएन में डॉक्टरों की बदसलूकी का मामला प्रकाश में आया है. किरावली से पिता का इलाज कराने आए युवक को पहले तो एसएन में घुमा दिया जब एडमिट करने की बारी आई तो गाल पर तमाचा मार दिया. रोते हुए पीडि़त के पास जब पुलिस पहुंची तो उसके पिता को एडमिट कर लिया. पीडि़त डर से फिर से एसएन में घुसने की हिम्मत नहीं कर रहा था.

आवाज बंद हो गई पिता की

किरावली के गांव सरसा निवासी हरेंद्र अपने 70 वर्षीय पिता मांगे लाल का इलाज कराने आया था. हरेंद्र के मुताबिक पिता को एक साल से सांस की परेशानी है, पिछले दो दिन से उनके गले से पानी भी नीचे नहीं जा रहा और न ही वह बोल पा रहे हैं. हरेंद्र के साथ उसकी 60 वर्षीय मां प्रेमवती भी थी.

दोपहर में आया एसएन में

हरेंद्र मां के साथ पिता को लेकर 12 बजे एसएन आया. यहां पर उससे बोला गया कि ईएनटी के डॉक्टर दो बजे आयेंगे. इसी के बाद वह यहां से वहां घूमता रहा लेनिक पिता एडमिट नहीं हो सके. थक हार कर वह दो बजे इमरजेंसी के अंदर पहुंचा. वहां पर जूनियर डॉक्टर ने उससे बोला कि पिता को ओपीडी में क्यों नहीं ले गया. इस पर हरेंद्र ने बताया कि उससे दो बजे यहां पर लाने को बोला था.

थप्पड़ मारने के बाद एकजुट हुए

इस पर हरेंद्र ने कहा वह यहां से वहां घूम रहे हैं. इस पर जूनियर डॉक्टर तैश में आ गया और उसके गाल पर तमाचा जड़ दिया. उससे बोला कि भाग यहां से इलाज नहीं करना है. पीडि़त के मुताबिक इसके बाद मौजूद डॉक्टर उसे पीटने को एकजुट हो गए. उसे धक्का देकर रूम से बाहर निकाल दिया. वह डर से बाहर निकल आया. इसके बाद पिता को भी बाहर धकिया दिया. मां भी एसएन से बाहर आ गई.

पुलिस ने कराया एडमिट

पिता का इलाज न मिलने पर डॉक्टरों द्वारा मारपीट किए जाने पर हरेंद्र बाहर आकर रोने लगा. इसी बीच चौकी से पुलिस उसके पास पहुंची तो उसने पूरा मामला बताया. अंदर पता चला कि मामला पुलिस तक जा रहा है तो बाहर कुछ सीनियर आए और हरेंद्र को पिता को उपचार के लिए एडमिट कर लिया. इसी तरह एसएन में कई बार तीमारदारों को डॉक्टरों की अभद्रता का शिकार होना पड़ता है.