क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: सदर हॉस्पिटल कैंपस में बने डॉक्टर्स हॉस्टल में जल्द ही चहल-पहल देखने को मिलेगी. जहां डॉक्टर्स के अलावा नर्स और हॉस्पिटल के स्टाफ्स के रहने की व्यवस्था की जा रही है ताकि हॉस्पिटल में मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके. हेल्थ डिपार्टमेंट ने बिल्डिंग को हैंडओवर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अगर सबकुछ ठीक रहा तो दस दिनों के अंदर हॉस्टल का दो फ्लोर चालू कर दिया जाएगा. इसके बाद अन्य फ्लोर को भी धीरे-धीरे चालू कराया जाएगा. दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने सदर हॉस्पिटल का डॉक्टर्स हॉस्टल बना भूत बंग्ला खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. इसके बाद से हेल्थ डिपार्टमेंट हॉस्टल चालू कराने को लेकर रेस हो गया है.

2010 से बनकर बिल्डिंग तैयार

इस जी प्लस 10 बिल्डिंग में 100 डॉक्टरों के रहने की व्यवस्था है. जिसमें लिफ्ट से लेकर तमाम सुविधाएं हैं. इतना ही नहीं, डॉक्टरों की जरूरत के अनुसार इस बिल्डिंग में 1 बीएचके और 2 बीएचके के सेपरेट फ्लैट भी हैं जो पूरी तरह से वेल फर्निश भी हैं. इसके अलावा हॉस्टल में पानी, बिजली और फायर फाइटिंग सिस्टम भी लगा है.

गा‌र्ड्स व स्टाफ्स को खाली करने का आदेश

कैंपस में बने डॉक्टर्स क्वार्टर में भले ही डॉक्टर न रहते हैं. लेकिन वहां पर गा‌र्ड्स और हॉस्पिटल में काम कर रहे स्टाफ्स ने कई कमरों में कब्जा कर रखा है. ऐसे में उन्हें बिना खर्च के ही बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं. वहीं उन्हें कोई रोकने-टोकने वाला भी नहीं है. अब उन्हें भी हॉस्टल खाली करने को कहा गया है.

वर्जन

हॉस्टल तो कई सालों से बनकर तैयार है. अब इसे हैंडओवर लेकर हम इसे यूटिलाइज करेंगे. सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल जब चालू होगा तो डॉक्टर्स और नर्स की भी जरूरत पड़ेगी. ऐसे में डॉक्टरों और नर्स के अलावा स्टाफ्स को रूम उपलब्ध करा दिया जाएगा. एक-दो दिनों में हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. कंपनी को साफ-सफाई कराने का आदेश दिया गया है.

डॉ. वीबी प्रसाद, सिविल सर्जन, रांची