- यूपी रोडवेज मुख्यालय का निर्देश, संविदा कंडक्टर्स के डॉक्युमेंट्स की होगी जांच

GORAKHPUR: फर्जी डॉक्युमेंट्स लगाकर यूपी रोडवेज की बसों में टिकट बना रहे संविदा कंडक्टर्स की खैर नहीं होगी. रोडवेज मुख्यालय ने उनके एनसीसी, आईटीआई मार्कशीट के वेरिफिकेशन का निर्देश दिया है. जिसके मुताबिक क्षेत्रीय प्रबंधक टीम गठित कर जांच रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेंगे.

गोरखपुर के आठ डिपो में होगी जांच

बता दें, यूपी रोडवेज गोरखपुर रीजन के अंतर्गत कुल आठ डिपो हैं. जिनसे तकरीबन 957 परिवहन निगम व अनुबंधित बसें संचालित होती हैं. इनमें ज्यादातर बसों में संविदा पर तैनात कंडक्टर्स काम कर रहे हैं. वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुईं भर्तियों को छोड़ पिछली सरकार के वक्त भर्ती हुए संविदा कंडक्टर्स के डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन का निर्देश रोडवेज मुख्यालय की ओर से सभी आरएम को दिया गया है.

कमेटी जांचेगी हर कागजात

यूपी रोडवेज मुख्यालय ने कहा है कि आरएम सभी कंडक्टर्स की सूची संबंधित डिपो से मंगा लें. उसके बाद एआरएम समेत टीएस की एक जांच कमेटी का गठन कर संविदा कंडक्टर्स द्वारा जमा किए गए डॉक्युमेंट्स एनसीसी, आईटीआई की मार्कशीट के साथ-साथ हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के सभी प्रमाण पत्रों की जांच पड़ताल की जाए. खासतौर पर एनसीसी व आईटीआई के सर्टिफिकेट के वेरिफिकेशन उस संस्थान के प्रिंसिपल द्वारा कराया जाए. डॉक्युमेंट्स की जांच के बाद इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाए. जिसके डॉक्युमेंट्स में फर्जीवाड़ा नजर आए या संदिग्ध हो उसकी लिस्ट अलग से बनाकर बर्खास्त किया जाए.

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टीम पर भी हो सकती है कार्रवाई

डॉक्युमेंट्स वेरिफिकेशन में आरएम की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी. जिसमें एआरएम, एआरएम फाइनेंस व टीएस शामिल होंगे. ये सभी डिपो के संविदा कंडक्टर्स की लिस्ट बनाकर उनके डॉक्युमेंट्स की जांच करेंगे. मुख्यालय का साफ निर्देश है कि जांच में लीपापोती की बात सामने आने पर इन सदस्यों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

वर्जन

संविदा कंडक्टर्स के डॉक्युमेंट्स का वेरिफिकेशन टाइट टू टाइम कराया जाता है. आरएम व एआरएम को इसके लिए निर्देशित किया गया है कि वे डॉक्युमेंट्स की स्क्रीनिंग करें.

- पी गुरु प्रसाद, एमडी, यूपी रोडवेज