वेस्ट यूपी में सैकड़ों संदिग्धों का डोजियर तैयार कर रही पुलिस

भीम आर्मी पर कस रहा शिकंजा, पकड़े गए सदस्यों के अकाउंट हो रहे चेक

MEERUT। सहारनपुर में भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के भाई की मौत के बाद एकाएक संदिग्ध गु्रप्स में बातचीत बढ़ गई थी। सर्विलांस टीम की पड़ताल में निकलकर आया कि भीम आर्मी के सदस्य एकदूसरे से कोडवर्ड में बात करते थे। मेरठ को 'सेंट्रल' तो सहारनपुर को 'सिटी' के नाम से बुलाते थे। फेसबुक और व्हाट्सएप पर बातचीत के दौरान इमोजी को भी कोडवर्ड के तौर पर इस्तेमाल करते थे। सूत्रों के मुताबिक यह कोडवर्ड का मीनिंग भीम आर्मी के सदस्यों के अलावा किसी अन्य को पता नहीं होता था।

चेक हो रहे अकाउंट

मेरठ समेत वेस्ट यूपी में हिंसा की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार भीम आर्मी 6 मेंबर्स के बैंक एकाउंट पुलिस खंगाल रही है। एडीजी प्रशांत कुमार के निर्देशन में मेरठ क्राइम ब्रांच और सर्विलांस इनपुट जुटा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस संगठन के सभी सक्रिय सदस्यों का डोजियर तैयार कर रहा है। पड़ताल में निकलकर आया कि भीम आर्मी के लिए फंडिंग भी होती थी। एक प्रॉपर चैनल के थ्रू यह पैसा एकत्रित किया गया, हिंसा फैलाने और हथियारों की खरीदारी के लिए फंड को यूज किया जा रहा था। पुलिस को जेल में बंद भीम आर्मी के सदस्यों के अकाउंट में बड़े पैमाने पर ट्रांजिक्शन भी मिला है, जिसको लेकर पूछताछ जारी है।

जुटा रहे हैं आईडी

क्राइम ब्रांच इस मामले में जांच तेजी से कर रही है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक करीब 1500 लोगों की डिटेल वे मोबाइल कंपनीज के साथ जुटा रहे हैं। ये वे नंबर हैं जो सोशल साइट्स पर भीम आर्मी से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त रहते हैं। इन लोगों में मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली के रहने वाले हैं। ज्यादातर लोग मेरठ के रहने वाले हैं। यह सभी लोग 24 ग्रुपों में जुड़े हुए थे। पुलिस ने सभी के नंबरों की डिटेल जानने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को भेजी थी।

संस्थापक का फेसबुक अकाउंट लॉक

भीम आर्मी के संस्थापक गुड़गांव निवासी सतपाल तंवर का फेसबुक एकाउंट मंगलवार को लॉक मिला। एकांउट क्राइम ब्रांच ने लॉक किया है या फिर उसने खुद, यह जानकारी नहीं है। हालांकि तंवर ने फेसबुक पर जो पेज बनाया हुआ है वह अभी भी चालू हैं। जिस पर कई वीडियो पड़ी हुई है, जिसमें वह अन्य जातियों के खिलाफ जहर उगल रहा है।

पुलिस को कुछ ऐसे कोड्स मिले हैं जो भीम आर्मी के सदस्य एक दूसरे से बातचीत के दौरान प्रयोग में लाते है। पुलिस इन कोडवर्ड की छानबीन कर रही है। इसके अलावा सभी संदिग्ध का डोजियर तैयार किया जा रहा है।

शिवराम यादव, एसपी क्राइम