-कोर्ट द्वारा निर्धारित तिथि से पहले दाखिल किया था जवाब

बरेली : अदालत ने निदा-शीरान रजा खां के बीच चल रहे घरेलू ¨हसा प्रकरण की अगली सुनवाई छह सितंबर तय कर दी है. दरअसल, शीरान रजा खां ने पूर्व में कोर्ट द्वारा जवाब दाखिल करने की निर्धारित तिथि से तीन दिन पहले ही अपना जवाब दाखिल कर दिया था. उन्होंने खुद को हैदराबाद में होने का हवाला देते हुए कोर्ट से अगली तारीख तीन अक्टूबर नियत करने की अपील की थी.

भ्रूण हत्या में 25 को होगी सुनवाई

वहीं भ्रूण हत्या के मामले में भी कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख तय कर दी है. अब 25 सितंबर को इसकी सुनवाई होगी. कोर्ट ने साफ किया कि समन तालीम न होने तक वारंट जारी नहीं किया जा सकता है. निदा-शीरान के यह दोनों मामले एसीजेएम-प्रथम सियाराम चौरसिया की कोर्ट में चल रहे हैं.

कौन हैं निदा-शीरान :

निदा और शीरान रजा खां की शादी वर्ष 2015 में हुई थी. शादी के कुछ दिन बाद ही दोनों में विवाद हो गया. अब इनका मामला कोर्ट में चल रहा है. शीरान रजा खां का ताल्लुक आला हजरत खानदान से है, जबकि निदा खान आला हजरत हेल्पिंग सोसायटी की अध्यक्ष हैं. जो तीन तलाक, हलाला एवं बहु विवाह पीडि़ताओं के हक की लड़ाई लड़ रही हैं.

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निदा खान को जान से मारने की धमकी

बरेली : इस्लाम से खारिज करने संबंधी फतवे के बाद से निदा खान की मुश्किलें बरकरार है. अब उन्हें जान से मारने की धमकी भरा पत्र जारी हुआ है. इसमें निदा के चरित्र और परिवार के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल है.

यह पत्र महानगर समाजवादी पार्टी के पुराने लेटर हेड से जारी हुआ है. पत्र लिखने वाले का नाम मुहम्मद अनीस खां तहसीनी लिखा गया है. हालांकि, अनीस खां का कहना है कि यह न तो मेरा लेटर हैड है. न ही मैंने ऐसा कोई पत्र लिखा है. किसी ने मेरे नाम का गलत इस्तेमाल किया है. इस पत्र के बाद निदा की चिंता जरूर बढ़ गई है. निदा का कहना है कि शीरान रजा से मेरी कानूनी लड़ाई को शरीयत से लड़ाई का रंग दे दिया गया है. समाज में दुष्प्रचार किया गया कि मैं शरीयत के खिलाफ हूं. जबकि किसी के पास ऐसा कोई सुबूत नहीं है कि मैंने शरीयत की खिलाफत की है. फतवे के बाद से मुझे धमकियां मिल रही हैं.